ईरान-यूएस के बीच अंतरिम शांति समझौते पर बर्गेनस्टॉक में चर्चा: स्विस विदेश मंत्रालय

ज्यूरिख, 20 जून . अंतरिम शांति समझौते के क्रियान्वयन और आगे की प्रक्रिया को लेकर अमेरिका-ईरान के प्रतिनिधि स्विट्जरलैंड में जरूरी चर्चा कर रहे हैं. हालांकि इस उच्च प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई कौन कर रहा है इसे लेकर गोपनीयता बरती गई है.

स्विट्जरलैंड के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वह बर्गेनस्टॉक रिजॉर्ट में एक “गोपनीय और भरोसेमंद वातावरण” उपलब्ध कराता रहेगा, ताकि अमेरिका और ईरान के बीच हुए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) को लागू करने से जुड़ी चर्चाओं को आगे बढ़ाया जा सके.

मंत्रालय ने अपने बयान में यह भी स्पष्ट किया कि वार्ता में शामिल प्रतिभागियों और बातचीत की विषयवस्तु के बारे में कोई अतिरिक्त जानकारी साझा नहीं की जाएगी, क्योंकि यह प्रक्रिया पूरी तरह गोपनीय रखी जा रही है.

स्विस विदेश मंत्रालय ने कहा, ” यह व्यवस्था स्विट्जरलैंड की उस परंपरा के अनुरूप है, जिसमें वह संवेदनशील अंतरराष्ट्रीय वार्ताओं के लिए तटस्थ और सुरक्षित मंच प्रदान करता है.”

अमेरिका और ईरान के बीच हुए अंतरिम शांति समझौते को लागू करने संबंधी शुरुआती वार्ता Friday को होने वाली थी, लेकिन बाद में इसे स्थगित किए जाने की घोषणा कर दी गई.

सिन्हुआ न्यूज एजेंसी ने कुछ रिपोर्ट्स के हवाले से बताया कि, अमेरिकी President के विशेष दूत स्टीव विट्कॉफ संभावित बातचीत के लिए स्विट्जरलैंड रवाना होने वाले थे. वहीं, अमेरिकी President डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर पहले से ही स्विट्जरलैंड में मौजूद थे. अमेरिकी मीडिया संस्थान एक्सियोस ने Friday को यह जानकारी दी.

रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची Saturday को स्विट्जरलैंड जाने की योजना बना रहे हैं. हालांकि, मामले से जुड़े एक सूत्र के हवाले से एक्सियोस ने बताया कि इस यात्रा कार्यक्रम में अभी बदलाव भी हो सकता है.

हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने और एक प्रारंभिक समझौते को लागू करने के लिए इसी स्थान पर आगे की बातचीत की योजना बनाई गई है.

Wednesday रात (भारतीय समयानुसार Thursday तड़के) अमेरिकी President डोनल्ड ट्रंप ने फ्रांस के वर्साय पैलेस में फ्रांसीसी President इमैनुएल मैक्रों के सामने रात्रिभोज के दौरान 14 सूत्रीय प्रारंभिक समझौता मसौदे (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए. इसे ‘इस्लामाबाद मेमोरैंडम आफ अंडरस्टैंडिंग’ नाम दिया गया है. इससे पहले स्विट्जरलैंड में ही दस्तखत करना तय किया गया था.

केआर/

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