
कोलकाता, 12 मई . इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) 2025-26 में Tuesday को इंटर काशी ने मोहन बागान सुपर जायंट को गोल रहित ड्रॉ पर रोका. मैच के अधिकतर समय गेंद पर कब्जा रखने के बावजूद, ‘मैरिनर्स’ इंटर काशी के अनुशासित डिफेंस को भेद नहीं पाए, और दोनों टीमों को एक-एक अंक से संतोष करना पड़ा.
इस नतीजे के बाद मोहन बागान के 11 मुकाबलों में 22 अंक हो गए हैं. वे प्वाइंट्स टेबल में शीर्ष पर मौजूद ईस्ट बंगाल एफसी की बराबरी पर हैं, लेकिन गोल अंतर के आधार पर उनसे पीछे हैं. वहीं, इंटर काशी 12 अंकों के साथ 10वें स्थान पर बनी हुई है. विवेकानंद युवा भारती क्रीड़ांगन में खेले गए मुकाबले में मोहन बागान एसजी के दीपक टांगरी को ‘मैन ऑफ द मैच’ चुना गया.
मैरिनर्स ने मैच की शुरुआत काफी जोरदार अंदाज में की. मिडफील्डर सहल अब्दुल समद ने शुरुआती पलों में ही इंटर काशी के डिफेंस की परीक्षा ली, लेकिन उनके दो लगातार प्रयास लक्ष्य तक नहीं पहुंच पाए.
अभिजीत मंडल की टीम को नौवें मिनट में बढ़त बनाने और मोहन बागान की लय तोड़ने का सुनहरा मौका मिला था. अल्फ्रेड प्लानास, नौरिस पेटकेविचियस और सर्जियो ल्लामास के बीच तालमेल से बनी एक शानदार मूव के बाद मोहम्मद आसिफ को गोल करने का एक शुरुआती मौका मिला, लेकिन उनका शॉट लक्ष्य से थोड़ा ही बाहर चला गया. इस प्रयास से इंटर काशी के आक्रामक इरादों की झलक मिली.
धीरे-धीरे मोहन बागान ने गेंद पर अपना नियंत्रण मजबूत कर लिया, और मिडफील्ड में सहल ने खेल की कमान संभाली. मेजबान टीम ने सहल और रॉबिन्हो के जरिए गोल करने के कुछ आधे-अधूरे मौके बनाए, लेकिन इंटर काशी के मजबूत और संगठित डिफेंस के चलते उन्हें गोल करने के स्पष्ट अवसर नहीं मिल पाए.
दिमित्रियोस पेट्राटोस और जेसन कमिंग्स ने खेल में अपनी लय खोजने की कोशिश की, लेकिन वे अंतिम क्षणों में फिनिशिंग टच देने में नाकाम रहे. ऐसे में ‘सेट-पीस’ ही मोहन बागान के लिए गोल करने का सबसे भरोसेमंद जरिया साबित हुए. इसके बावजूद, नरेंद्र गहलोत और डेविड ह्यूमन्स की अगुवाई वाली इंटर काशी की डिफेंस लाइन पूरी तरह से अडिग रही. दूसरी ओर, हाफ के अंतिम पलों में प्लानास गोल करने के बेहद करीब पहुंच गए थे, लेकिन उनका शॉट गोलपोस्ट के ऊपर से निकल गया. इस तरह मेहमान टीम (इंटर काशी) ने रुक-रुककर ही सही, लेकिन लगातार खतरा बनाए रखा. पहला हाफ गोल रहित समाप्त हुआ. इस हाफ में गेंद पर मोहन बागान का दबदबा रहा, लेकिन वे इंटर काशी के गोलकीपर शुभम धास की कोई ठोस परीक्षा लेने में नाकाम रहे.
मोहन बागान के हेड कोच सर्जियो लोबेरा ने हाफ-टाइम के ब्रेक में आक्रामक बदलाव किए, उन्होंने मैच में बढ़त बनाने की कोशिश में लिस्टन कोलाको और जेमी मैकलारेन को मैदान पर उतारा. मैरिनर्स ने अपनी खेल की गति बढ़ाई, जिसमें दिमित्री पेट्राटोस और मैकलारेन ने आगे के हिस्सों में मिलकर अच्छा तालमेल बिठाया.
दूसरे हाफ की शुरुआत में ही पेट्राटोस ने गोल करने की कोशिश की, जिसे विरोधी टीम के गोलकीपर ने बचा लिया. वहीं, कोलाको और एल्ड्रेड के दूर से लगाए गए शॉट गोल में तब्दील नहीं हो पाए. मोहन बागान लगातार मौके तलाशता रहा, लेकिन रोहित दानु, संदीप मंडी और नरेंद्र की अगुवाई में इंटर काशी के मजबूत डिफेंस ने पेनाल्टी एरिया के अंदर और आस-पास की जगह को पूरी तरह से बंद कर दिया.
मैच के 66वें मिनट में एक शानदार मूव देखने को मिला. मनवीर सिंह ने बॉक्स के अंदर सहल के लिए गेंद को पीछे की ओर पास किया, लेकिन एक बार फिर इंटर काशी ने नजदीकी दूरी से गेंद को रोककर अपनी स्थिति मजबूत बनाए रखी.
जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ा, इंटर काशी का आत्मविश्वास बढ़ता गया. उन्होंने नए खिलाड़ियों को मैदान पर उतारा और गेंद पर अपना कब्जा समझदारी से बनाए रखते हुए मोहन बागान की लय को बिगाड़ दिया. एक जवाबी हमले के दौरान जयेश राणे को गोल करने का मौका मिला, लेकिन उनका शॉट गोलपोस्ट के ऊपर से निकल गया.
मैच के आखिरी पलों में मैरिनर्स ने जोरदार कोशिशें कीं. 85वें मिनट में मैकलारेन गोल करने के सबसे करीब पहुंचे, लेकिन शुभम धास ने शानदार बचाव करते हुए गेंद को दूर धकेल दिया. इसके कुछ ही देर बाद, एक कॉर्नर किक पर टॉम एल्ड्रेड ने हेडर लगाया, लेकिन गेंद गोलपोस्ट से बाहर चली गई, जिसके बाद घरेलू टीम के खिलाड़ियों में निराशा बढ़ने लगी.
मैच के अतिरिक्त समय में इंटर काशी ने जीत हासिल करने का एक और मौका लगभग बना ही लिया था. रोहित दानु तेजी से आगे बढ़े, लेकिन विशाल कैथ अपनी गोललाइन से तेजी से बाहर आए और उस मौके को नाकाम कर दिया.
मैच के आखिरी पलों में मोहन बागान ने कोलाको की फ्री-किक के जरिए कुछ और कोशिशें कीं, लेकिन वे जीत दिलाने वाला गोल नहीं कर पाए. आखिरकार, इंटर काशी के सुनियोजित और जुझारू प्रदर्शन ने उन्हें एक अहम प्वाइंट दिलाया, जबकि मोहन बागान को 70 प्रतिशत से ज्यादा समय तक गेंद पर कब्जा रखने के बावजूद, हाथ से निकले मौकों पर पछताना पड़ा.
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आरएसजी