इंडोनेशिया ने मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच सभी कर्मचारियों के लिए बढ़ाया वर्क-फ्रॉम-होम नीति

जकार्ता, 22 मई . इंडोनेशिया के एक वरिष्ठ मंत्री ने Friday को कहा कि मिडिल ईस्ट में चल रहे भू-Political तनाव के बीच, सिविल सेवकों, Governmentी कंपनियों के कर्मचारियों और प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों के लिए अपनी वर्क-फ्रॉम-होम नीति को दो महीने के लिए बढ़ाएगा.

न्यूज एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक, इंडोनेशिया के आर्थिक मामलों के समन्वय मंत्री एयरलांगा हार्टार्ट ने कहा कि Government मिडिल ईस्ट में हो रहे विकास पर करीब से नजर रख रही है और अभी एक्सटेंशन लागू करने की सही तारीख की घोषणा नहीं की है.

इस नीति के तहत, Governmentी कर्मचारी Friday को घर से काम करेंगे, जबकि ऑफिस में काम Monday से Thursday तक जारी रहेगा. प्राइवेट कंपनियों और Governmentी कंपनियों को हर हफ्ते एक दिन डब्ल्यूएफएच लागू करने की इजाजत है.

Government ने कहा कि इस व्यवस्था से कर्मचारियों की सैलरी, बेनिफिट या सालाना छुट्टी के हक पर कोई असर नहीं पड़ेगा.

छूट उन क्षेत्रों पर लागू होती है जिनमें ऑन-साइट ऑपरेशन की जरूरत होती है, जैसे स्वास्थ्य सुविधा, ऊर्जा, इंफ्रास्ट्रक्चर, पब्लिक सर्विस, रिटेल, मैन्युफैक्चरिंग और टूरिज्म. Government के मुताबिक, वैश्विक विकास के आधार पर नीति को और बढ़ाया जा सकता है.

Thursday को, अमेरिका के President डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिका तेहरान को न्यूक्लियर हथियार हासिल करने की इजाजत नहीं देगा. इसे रोकने में नाकाम रहने पर मिडिल ईस्ट से आगे तक एक बड़ी लड़ाई शुरू हो सकती है.

ट्रंप ने मीडिया से कहा कि ईरान को न्यूक्लियर पावर बनने से रोकना उनकी Government की विदेश नीति की सबसे पहली प्राथमिकता है. ट्रंप ने कहा, “हम ईरान को न्यूक्लियर हथियार नहीं रखने दे सकते. आप मिडिल ईस्ट में परमाणु युद्ध करेंगे और वह युद्ध यहां आएगा, वह युद्ध यूरोप जाएगा.”

ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत जारी है लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि नतीजा किसी न किसी तरह से निर्णायक होगा.

उन्होंने कहा, “अभी हम बातचीत कर रहे हैं, और हम देखेंगे. लेकिन या तो हम इसे किसी न किसी तरह से हासिल कर लेंगे. उनके पास न्यूक्लियर हथियार नहीं होगा.”

President ने उन रिपोर्ट्स पर भी बात की जिनमें कहा गया था कि ईरान, ओमान के साथ होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर टोल चार्ज को औपचारिक बनाने की योजना पर बात कर रहा है. होर्मुज दुनिया के सबसे जरूरी तेल शिपिंग लेन में से एक है. ट्रंप ने कहा कि अमेरिका चाहता है कि यह समुद्री मार्ग अंतरराष्ट्रीय नेविगेशन के लिए खुला और स्वतंत्र रहे.

उन्होंने स्ट्रेट को एक अंतरराष्ट्रीय रास्ता बताते हुए कहा, “हम इसे खुला रखना चाहते हैं, हम इसे स्वतंत्र रखना चाहते हैं. हम टोल नहीं चाहते.”

ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने इस इलाके में नेवल ऑपरेशन के जरिए ईरान से जुड़े समुद्री ट्रैफिक पर असरदार नियंत्रण बना लिया है. उन्होंने कहा, “हमारी मंजूरी के बिना कोई भी जहाज अंदर नहीं जा पाया है. नेवी ने बहुत बढ़िया काम किया है.”

उन्होंने आगे कहा कि अमेरिकी सेना ने हमलों और ऑपरेशन्स के जरिए ईरानी सेना की क्षमताओं को बहुत कम कर दिया है. अमेरिकी President ने कहा, “हमने उनकी नौसेना को खत्म कर दिया. हमने उनकी हवाई क्षमता को खत्म कर दिया. मैं कहूंगा कि हमने उनकी 85 फीसदी मिसाइल क्षमता खत्म कर दी.”

ट्रंप ने यह भी कहा कि लड़ाई के दौरान अमेरिका ने अपनी ड्रोन और एंटी-ड्रोन क्षमताओं को तेजी से बढ़ाया है. उन्होंने कहा, “हमारे पास ड्रोन बनाने और उन्हें गिराने, दोनों के लिए जबरदस्त तकनीक है.”

यह पूछे जाने पर कि क्या ईरान को भविष्य के किसी समझौते के तहत बहुत ज्यादा संवर्धित यूरेनियम रखने की इजाजत होगी? इसपर अमेरिकी President ट्रंप ने साफ जवाब दिया, “नहीं, हमें बहुत ज्यादा संवर्धित यूरेनियम मिलता है. हम इसे लेंगे.”

उन्होंने आगे कहा कि यूरेनियम का स्टॉक शायद अमेरिका द्वारा सुरक्षित किए जाने के बाद नष्ट कर दिया जाएगा. हमें इसकी जरूरत नहीं है. हम इसे नहीं चाहते. हम इसे मिलने के बाद शायद इसे नष्ट कर देंगे.

ट्रंप ने बार-बार ईरान के मुद्दे को घरेलू Political झगड़ों या आर्थिक मुद्दों से ज्यादा जरूरी बताया. उन्होंने कहा, “मैं इससे ज्यादा जरूरी बात और कुछ नहीं सोच सकता कि हम ईरान को न्यूक्लियर हथियार नहीं रखने दे सकते.”

केके/डीएससी

Leave a Comment