विपक्ष चुनाव के माध्यम से सत्ता हासिल करने की क्षमता पर भरोसा खो चुका है : संजय निरुपम

Mumbai , 25 मई . शिवसेना नेता संजय निरुपम ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के उस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि एक साल के भीतर Prime Minister Narendra Modi पद पर नहीं रहेंगे. निरुपम ने कहा कि एक साल में Government गिरने का सपना हास्‍यास्‍पद है.

निरुपम ने से बातचीत में कहा कि India की संवैधानिक व्यवस्था के तहत Governmentें पांच वर्षों के लिए चुनी जाती हैं और 2024 में देश की जनता ने मोदी Government को स्पष्ट जनादेश देकर पांच साल तक शासन करने का अधिकार दिया है. यदि राहुल गांधी यह सपना देख रहे हैं कि एक साल के भीतर Government गिर जाएगी, तो यह हास्यास्पद है और इससे यह स्पष्ट होता है कि विपक्ष चुनाव के माध्यम से सत्ता हासिल करने की अपनी क्षमता पर भरोसा खो चुका है.

निरुपम ने कहा कि यदि विपक्ष किसी अलोकतांत्रिक तरीके से अस्थिरता पैदा कर Government गिराने का प्रयास करना चाहता है, तो यह बेहद खतरनाक सोच है. उन्होंने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों से अपील की कि सत्ता में आने का लोकतांत्रिक और वैधानिक तरीका अपनाना चाहिए.

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि विपक्ष गैर-लोकतांत्रिक रास्ता अपनाएगा, तो जनता उन्हें आने वाले वर्षों तक राजनीति के हाशिए पर धकेल देगी. उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों से विपक्ष सत्ता से दूर है और यदि इसी तरह की राजनीति जारी रही, तो उनकी स्थिति और कमजोर हो सकती है.

कांग्रेस नेता शशि थरूर द्वारा Prime Minister Narendra Modi की मालदीव के साथ संबंधों को लेकर की गई प्रशंसा के बीच शिवसेना नेता संजय निरुपम ने केंद्र Government की कूटनीतिक पहल की सराहना की.

उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में मालदीव में सत्ता परिवर्तन के बाद नई Government शुरुआत में चीन के प्रभाव में आकर India से दूरी बनाने की कोशिश कर रही थी, लेकिन Prime Minister मोदी के कूटनीतिक प्रयासों के कारण दोनों देशों के रिश्तों में अब काफी सुधार आया है.

निरुपम ने कहा कि मालदीव की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से पर्यटन पर आधारित है और भारतीय पर्यटकों का उसमें बड़ा योगदान है, इसलिए India के साथ अच्छे संबंध बनाए रखना मालदीव के हित में भी है. उन्होंने कहा कि India हमेशा से अपने पड़ोसी देशों के साथ बेहतर संबंध बनाए रखने की नीति पर काम करता रहा है.

बेरोजगारी के मुद्दे पर भी संजय निरुपम ने अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि India में बेरोजगारी लंबे समय से एक बड़ी चुनौती रही है और इसका प्रमुख कारण देश की विशाल आबादी है. हर महीने लगभग 10 से 12 लाख युवा नौकरी के बाजार में प्रवेश करते हैं, जबकि हर साल करीब एक करोड़ युवा रोजगार की तैयारी करते हैं.

निरुपम ने माना कि Governmentें चाहे केंद्र की हों या राज्य की, बेरोजगारी की समस्या पूरी तरह समाप्त नहीं हो सकी है. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यह केवल मौजूदा Governmentों के कार्यकाल की समस्या नहीं है, बल्कि आजादी से पहले से ही देश इस चुनौती का सामना करता आ रहा है.

एएसएच/एबीएम

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