भारत का दुनिया की ग्रोथ में योगदान 16 प्रतिशत, आने वाले समय में बढ़ेगी हिस्सेदारी : पीएम मोदी

New Delhi, 13 फरवरी . Prime Minister Narendra Modi ने Friday को कहा कि India का दुनिया की ग्रोथ में योगदान बढ़कर 16 प्रतिशत हो गया है और आने वाले समय में यह हिस्सेदारी और भी बढ़ेगी.

‘ईटी नाउ ग्लोबल बिजनेस समिट- 2026’ में बोलते हुए Prime Minister मोदी ने कहा, “India अब सिर्फ एक बाजार नहीं हैं, बल्कि पूरी दुनिया की तरक्की को रफ्तार देने वाला ‘ग्रोथ इंजन’ बन गया है.”

उन्होंने आगे कहा कि पिछले दशक India के लिए न केवल आर्थिक रूप से बल्कि अपनी लोकतांत्रिक जड़ों को और मजबूत करने वाला रहा है. 10 साल पहले India दुनिया की 11वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था था, लेकिन आज India तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर बढ़ रहा है.

पीएम मोदी ने कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद नया वर्ल्ड ऑर्डर बना था, लेकिन अब सात दशक बाद टूट रहा है. नई व्यवस्थाएं बन रही हैं और India इस बदलाव को लीड कर रहा है. इस सदी में दुनिया में जो भी बड़े बदलाव हो रहे हैं, India उनका सबसे बड़ा आधार और केंद्र बनने जा रहा है.

पीएम मोदी ने आगे कहा कि पहले की Government में सुधार मजबूरी में किए जाते थे. 1991 में सुधार तब किए गए, जब देश दिवालिया होने वाला था. 2008 में Mumbai हमले के बाद एनआईए का गठन हो और पावर ग्रिड फेल होने के बाद के सुधार, लेकिन आज की Government समय और परिस्थितियों के मुताबिक पूरे दृढ़ विश्वास के साथ सुधारों को लागू कर रही है.

पीएम मोदी ने हाल ही हुए India के फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) पर चर्चा करते हुए कहा, “बीते 11 वर्षों में देश ने मैन्युफैक्चरिंग का एक मजबूत आधार विकसित किया है और दुनिया से प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम है. इसी कारण India ने 38 देशों के साथ एफटीए किए हैं.”

उन्होंने कहा कि 21वीं सदी में India सुधार की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है. Government अपने सुधार प्रयासों में अजेय है. जिस सुधार ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है, वह है यूपीआई. यह सिर्फ एक मोबाइल ऐप नहीं है, बल्कि सुदृढ़ नीति, प्रक्रिया और शक्तिशाली तकनीक के संगम का परिणाम है. यूपीआई आज उन नागरिकों की सेवा कर रहा है, जिन्होंने कभी बैंकिंग या वित्त के बारे में सोचा भी नहीं था. यह वित्तीय समावेशन में एक क्रांति है. डिजिटल इंडिया और ये सभी प्रणालियां किसी दबाव या विवशता के तहत नहीं बनाई गई हैं, बल्कि हमारे दृढ़ विश्वास का परिणाम हैं.

एबीएस/एबीएम

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