यूपी चुनाव में सपा-कांग्रेस गठबंधन जरूरी, दूरियां बढ़ाने वालों से भाजपा को होगा फायदा: एसटी हसन

मुरादाबाद, 22 जून . Samajwadi Party के नेता एसटी हसन ने उत्तर प्रदेश की राजनीति, सपा-कांग्रेस के संभावित गठबंधन, कांग्रेस नेता इमरान मसूद के बयान, मुस्लिम Chief Minister चेहरे की मांग और अखिलेश यादव से जुड़े पोस्टरों को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों का मुख्य उद्देश्य भाजपा को हराना और देश तथा उत्तर प्रदेश को बचाना होना चाहिए, इसलिए ऐसे किसी भी बयान से बचना चाहिए जिससे सपा और कांग्रेस के बीच खटास पैदा हो.

यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर एसटी हसन ने कहा कि कांग्रेस को Samajwadi Party के साथ गठबंधन करने में फायदा ही होगा. उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में उत्तर प्रदेश में भाजपा को सीधी टक्कर देने की क्षमता Samajwadi Party के पास है. हालांकि सीटों के बंटवारे और चुनावी रणनीति का फैसला बड़े नेता करेंगे, लेकिन इसमें दोनों दलों के ट्रैक रिकॉर्ड, वोट प्रतिशत और संगठनात्मक ताकत को ध्यान में रखा जाना चाहिए.

उन्होंने कहा कि यह देखा जाना चाहिए कि Samajwadi Party को कितना वोट मिलता है, कांग्रेस को कितना वोट मिलता है, दोनों दलों का संगठन कितना मजबूत है और पिछले विधानसभा तथा Lok Sabha चुनावों में उनका प्रदर्शन कैसा रहा है. उनके अनुसार इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर ही सीटों का निर्धारण होना चाहिए. किसी भी नेता को ऐसा बयान नहीं देना चाहिए जिससे कांग्रेस और Samajwadi Party के बीच दूरियां पैदा हों. विपक्ष का मकसद भाजपा को हराना और देश को बचाना है. जो लोग इस प्रकार की बातें कर रहे हैं, उन्हें इतिहास और वर्तमान परिस्थितियों का आकलन करना चाहिए और यह भी आत्मनिरीक्षण करना चाहिए कि देश में मुसलमानों की वर्तमान स्थिति के लिए कौन जिम्मेदार है.

कांग्रेस नेता इमरान मसूद द्वारा यह कहे जाने पर कि अखिलेश यादव मुसलमानों के मुद्दों पर बात नहीं करते, डॉ. एसटी हसन ने असहमति जताई. उन्होंने कहा कि इमरान मसूद एक अच्छे इंसान हैं, लेकिन इस तरह की बातें उन्हें शोभा नहीं देतीं. उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव ने हमेशा जुल्म और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाई है. चाहे मॉब लिंचिंग का मामला हो, कथित फर्जी एनकाउंटर का मुद्दा हो या अल्पसंख्यकों से जुड़े अन्य विषय, अखिलेश यादव लगातार अपनी बात रखते रहे हैं. उन्होंने कहा कि अगर राम मंदिर प्रकरण पर अखिलेश यादव ने अपनी राय रखी है तो उसमें किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए.

डॉ. हसन ने कहा कि अखिलेश यादव किसी विशेष वर्ग का तुष्टिकरण नहीं चाहते बल्कि सभी के लिए न्याय की बात करते हैं. उन्होंने दावा किया कि यदि इतिहास उठाकर देखा जाए तो मुसलमानों के सम्मान और उनके रोजगार की सबसे अधिक बात Samajwadi Party ने की है. उनके अनुसार किसी अन्य Political दल ने इस दिशा में उतना काम नहीं किया जितना Samajwadi Party ने किया.

उन्होंने कहा कि मुसलमानों के दिलों में Samajwadi Party बस्ती है. किसी को भी ऐसा काम नहीं करना चाहिए जिससे Samajwadi Party और कांग्रेस के बीच दूरियां बढ़ें. अगर कोई ऐसा करता है तो वह जाने-अनजाने में भाजपा को फायदा पहुंचा रहा है.

डॉ. हसन ने कहा कि यदि Samajwadi Party और कांग्रेस के बीच गठबंधन नहीं होता है तो भाजपा को बड़ा लाभ मिल सकता है. उन्होंने दावा किया कि यदि दोनों दल साथ नहीं आते हैं तो भाजपा की जीत की संभावना बहुत बढ़ जाएगी, जबकि गठबंधन होने की स्थिति में भाजपा को बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है. उन्होंने कहा कि विपक्षी एकता की जरूरत इसलिए है क्योंकि विभिन्न समुदायों और वर्गों के सामने कई चुनौतियां हैं और उनका मुकाबला मिलकर ही किया जा सकता है.

मौलाना शहाबुद्दीन रजवी द्वारा मुस्लिम Chief Minister का चेहरा घोषित करने की मांग पर एसटी हसन ने कहा कि जो लोग इस तरह की बातें कर रहे हैं, वे शायद यह नहीं समझ रहे कि इससे मुस्लिम समुदाय का कितना बड़ा नुकसान हो सकता है. उन्होंने कहा कि मुसलमानों के सामने पहले से कई चुनौतियां हैं. मॉब लिंचिंग, कथित एनकाउंटर और अन्य घटनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे समय में समुदाय को बांटने वाली बातें करने के बजाय सभी को मिलकर अन्याय के खिलाफ लड़ना चाहिए. जो लोग इस तरह के मुद्दे उठाते हैं, वे कहीं न कहीं भाजपा को फायदा पहुंचाने का काम कर रहे हैं.

Lucknow समेत अन्य जिलों में लगे अखिलेश यादव से जुड़े पोस्टरों पर प्रतिक्रिया देते हुए हसन ने कहा कि कभी Samajwadi Party को ‘नमाजवादी पार्टी’ कहा जाता था और अब उसे ‘यादवों की पार्टी’ कहा जा रहा है. कल को लोग इसे किसी और वर्ग की पार्टी भी कह सकते हैं, लेकिन वास्तविकता यह है कि Samajwadi Party सबकी पार्टी है. उन्होंने कहा कि पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) वर्ग के लोगों को न्याय नहीं मिल रहा है; इसी वजह से पीडीए की अवधारणा सामने आई. उनके अनुसार अखिलेश यादव देश और संविधान की रक्षा की लड़ाई लड़ रहे हैं तथा Samajwadi Party देश को बचाना चाहती है.

डॉ. हसन ने कहा कि अक्सर सवाल केवल Samajwadi Party से पूछा जाता है, जबकि खुद को सेक्युलर बताने वाले अन्य दलों से भी पूछा जाना चाहिए कि वे मुसलमानों को कितने टिकट देते हैं. उन्होंने दावा किया कि Samajwadi Party में सबसे ज्यादा मुस्लिम विधायक हैं और पार्टी लगातार मुसलमानों को Political प्रतिनिधित्व देती रही है. उन्होंने कहा कि जो दल सबके विकास की बात करते हैं, उनसे भी यह पूछा जाना चाहिए कि उन्होंने मुसलमानों को कितना प्रतिनिधित्व दिया है. अंत में उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति Samajwadi Party या कांग्रेस को कमजोर करने की कोशिश करेगा, वह प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से भाजपा को फायदा पहुंचाने का काम करेगा.

पीएसके/डीकेपी

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