
New Delhi, 20 मई . वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा Wednesday को जारी आंकड़ों के अनुसार, India के 8 प्रमुख बुनियादी ढांचा (इंफ्रास्ट्रक्चर) उद्योगों के संयुक्त सूचकांक में इस साल अप्रैल में पिछले वर्ष के इसी महीने की तुलना में 1.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जिसमें सीमेंट, स्टील और बिजली क्षेत्रों में सकारात्मक बढ़त देखने को मिली.
मार्च महीने के लिए आठ प्रमुख उद्योगों की अंतिम वृद्धि दर 1.2 प्रतिशत दर्ज की गई थी. वहीं, अप्रैल से मार्च 2025-26 के दौरान इन आठ प्रमुख उद्योगों के सूचकांक की संचयी वृद्धि दर पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 2.7 प्रतिशत रही.
स्टील उत्पादन में अप्रैल के दौरान पिछले साल के इसी महीने की तुलना में 6.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई. वहीं, सीमेंट क्षेत्र में 9.5 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि हुई, जिसका मुख्य कारण राजमार्ग, बंदरगाह और रेलवे जैसी बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में Government के भारी निवेश के चलते इन उत्पादों की मांग का मजबूत बने रहना बताया गया है.
बिजली उत्पादन में भी अप्रैल में पिछले वर्ष के समान अवधि की तुलना में 4.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई.
हालांकि, इस दौरान कोयला उत्पादन में 8.7 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि कच्चे तेल का उत्पादन 3.9 प्रतिशत घट गया.
प्राकृतिक गैस के उत्पादन में भी अप्रैल 2026 के दौरान पिछले वर्ष के इसी महीने की तुलना में 4.3 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई, जबकि रिफाइनरी उत्पादों का उत्पादन 0.5 प्रतिशत घटा.
इसके अलावा, मध्य पूर्व संघर्ष के कारण कच्चे माल की आपूर्ति प्रभावित होने से उर्वरक उत्पादन में अप्रैल के दौरान 8.6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई.
आठ प्रमुख उद्योगों का सूचकांक (आईसीआई) कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, स्टील, सीमेंट और बिजली जैसे आठ प्रमुख क्षेत्रों के संयुक्त और व्यक्तिगत उत्पादन प्रदर्शन को मापता है.
ये आठ प्रमुख उद्योग औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) में शामिल कुल भार का 40.27 प्रतिशत हिस्सा रखते हैं और इन्हें देश की समग्र औद्योगिक वृद्धि का महत्वपूर्ण संकेतक माना जाता है.
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डीबीपी