
पुणे, 22 अप्रैल . नीदरलैंड के रॉटरडैम में आयोजित मैराथन में नया नेशनल रिकॉर्ड बनाने वाले सावन बरवाल का अगला टारगेट एशियन गेम्स है. लंबी दूरी के धावक ने 12 अप्रैल को आयोजित एनएन मैराथन में भारतीय एथलेटिक्स के इतिहास में 48 वर्षों तक कायम रहे रिकॉर्ड को तोड़ा था. विश्व स्तरीय खिलाड़ियों के बीच सावन ने 2:11:58 का समय निकालकर एलीट मैराथन दौड़ में 20वां स्थान हासिल किया था.
इस रेस को इथियोपिया के गुए इदेमो अदोला ने 2:03.54 के समय के साथ जीता. India के टी. गोपी सावन 2:13:16 का समय निकालकर इस रेस में 23वें पायदान पर रहे.
इससे पहले ये नेशनल रिकॉर्ड शिवनाथ सिंह के नाम था, जिन्होंने साल 1978 में 2:12:00 के साथ इतिहास रचा था. सावन भारतीय सेना में हवलदार के रैंक पर तैनात हैं. इस रिकॉर्ड के साथ सावन बरवाल ने एशियन गेम्स के लिए भी क्वालीफाई कर लिया है.
India लौटने के बाद Wednesday को पत्रकारों से बातचीत में सावन ने कहा, “वो नेशनल रिकॉर्ड 48 वर्षों से ब्रेक नहीं हुआ था, लेकिन अब यह ब्रेक हुआ है. युवा खिलाड़ी काफी ट्रेनिंग कर रहे हैं. आने वाले समय में वो इससे अच्छा करेंगे. मेरा यह डेब्यू था. मुझे ज्यादा अनुभव नहीं है. मैंने इस डेब्यू से काफी कुछ सीखा है. आज के समय में खेल में स्पोर्ट्स साइंस का अहम रोल है. 30-40 प्रतिशत स्पोर्ट्स साइंस का ही रोल है. हम उसी के साथ ट्रेनिंग करेंगे.”
सावन ने अपनी भविष्य की योजना के बारे में बताया, “मेरा मुख्य फोकस एशियन गेम्स है. एशियन गेम्स हमारा अगला टारगेट है. आर्मी स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट ने बहुत मदद की है. जब मैं अपने स्टेट में था, तो वहां उतनी सुविधा नहीं थी. स्पोर्ट्स साइंस के बारे में हमें कुछ पता नहीं था. जब मैं यहां आया, तो एलीट रनर्स के साथ बातचीत हुई. उनसे यह सीखा कि कैसे ट्रेनिंग करते हैं. यह सीखा कि किस तरह स्पोर्ट्स साइंस हमें मदद करता है. हमें न्यूट्रिशन के बारे में कुछ नहीं पता था. ये सभी कुछ मैंने यहां सीखा है. एक खिलाड़ी को इंजरी से बचना जरूरी होता है. इंजरी से उसका पूरा एक साल तक बर्बाद हो सकता है. हमें मदद मिली कि इंजरी से हम कैसे बच सकते हैं. कैसे हम शरीर को बैलेंस कर सकते हैं.”
–
आरएसजी