
New Delhi, 5 जुलाई . India Monday से जिनेवा के ‘पैले डे नेशंस’ में संयुक्त राष्ट्र व्यापार एवं विकास संगठन (यूएनसीटीएडी) की ओर से आयोजित इंटरगवर्नमेंटल ग्रुप ऑफ एक्सपर्ट्स (आईजीई) ऑन कंज्यूमर प्रोटेक्शन लॉ एंड पॉलिसी के नौवें सत्र की अध्यक्षता करेगा.
उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के अनुसार, यह दो दिवसीय बैठक होगी, जिसमें सदस्य देश, अंतरराष्ट्रीय संगठन, उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण, शिक्षाविद और अन्य हितधारक भाग लेंगे. बैठक में उपभोक्ता संरक्षण कानून और नीति से जुड़े उभरते मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी.
संयुक्त राष्ट्र दिशानिर्देशों के तहत गठित आईजीई, उपभोक्ता संरक्षण से जुड़े वैश्विक सहयोग और संवाद का प्रमुख अंतर-Governmentी मंच है. India इस क्षेत्र में लगातार सक्रिय भूमिका निभाता रहा है.
India उपभोक्ता संरक्षण के मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयोजित चर्चाओं में सक्रिय भूमिका निभाता रहा है. जुलाई 2025 में जिनेवा में आयोजित ‘प्रतिस्पर्धा और उपभोक्ता संरक्षण पर 9वें संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन’ के दौरान India ने नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन (एनसीएच) और उसके प्री-लिटिगेशन मॉडल के माध्यम से सीमा-पार उपभोक्ता विवाद समाधान में अपने अनुभव साझा किए थे.
इस बार India का प्रतिनिधित्व उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे करेंगी, जिन्हें यूएनसीटीएडी ने सत्र की अध्यक्षता के लिए आमंत्रित किया है. वे तीन दिवसीय चर्चाओं की अध्यक्षता करते हुए सदस्य देशों के बीच प्रमुख वैश्विक उपभोक्ता संरक्षण प्राथमिकताओं पर विमर्श का नेतृत्व करेंगी.
सत्र की प्रमुख विशेषताओं में संयुक्त राष्ट्र उपभोक्ता उत्पाद सुरक्षा सिद्धांतों का औपचारिक शुभारंभ शामिल है. इन सिद्धांतों को दिसंबर 2025 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने अपनाया था. इसके अलावा “व्हाई द प्रिंसिपल्स मैटर” विषय पर एक उच्चस्तरीय फायरसाइड चैट आयोजित होगी, जिसमें India भी भाग लेगा. साथ ही सदस्य देशों द्वारा संयुक्त राष्ट्र उपभोक्ता संरक्षण दिशानिर्देश (यूएनजीसीपी) के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी विस्तृत चर्चा की जाएगी.
इसके अलावा हाल के कानूनी और संस्थागत विकास, क्षमता निर्माण पहलों और आगामी सत्र के लिए रिपोर्ट एवं एजेंडा को भी अंतिम रूप दिया जाएगा.
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केआर/