
Mumbai , 15 मई . Maharashtra राज्य सड़क परिवहन निगम (एमएसआरटीसी) ईंधन की कीमतों में हालिया उछाल के बाद एक नए वित्तीय संकट का सामना कर रहा है.
Maharashtra के परिवहन मंत्री और एमएसआरटीसी के अध्यक्ष प्रताप सरनाइक ने Friday को संकेत दिया कि निगम को लगभग 125 करोड़ रुपए के अनुमानित वार्षिक बोझ की भरपाई के लिए टिकट किराए में वृद्धि करने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है.
मंत्री का यह बयान केंद्र Government द्वारा Friday को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3 रुपए प्रति लीटर की वृद्धि के बाद आया है.
एमएसआरटीसी, जो 251 डिपो में विशाल वाहन बेड़े का संचालन करता है और प्रतिदिन लगभग 11 लाख लीटर डीजल की खपत करता है, के लिए इस मूल्य समायोजन के तत्काल और गंभीर परिणाम होंगे.
मंत्री के अनुसार, मूल्य वृद्धि से प्रतिदिन लाखों रुपए का अतिरिक्त खर्च होगा, जिससे कुल वार्षिक बोझ लगभग 124 से 125 करोड़ रुपए तक पहुंच जाएगा. यह ऐसे समय में हो रहा है जब निगम पहले से ही लगभग 12,000 करोड़ रुपए के संचित घाटे से जूझ रहा है.
मीडिया से बात करते हुए मंत्री सरनाइक ने राज्य Government द्वारा वर्तमान में किए जा रहे नाजुक संतुलन पर प्रकाश डाला.
सरनाइक ने कहा कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि का सीधा असर हमारी परिचालन लागत पर पड़ता है. उन्होंने आगे कहा कि हालांकि हमने अभी तक किराया नहीं बढ़ाया है, लेकिन भविष्य में हमें इस पर विचार करना पड़ सकता है. निगम अनिश्चित काल तक इतने बड़े नुकसान को सहन नहीं कर सकता.
मंत्री ने आगे बताया कि Government एमएसआरटीसी को विभिन्न सब्सिडी और वित्तीय सहायता प्रदान करती है, लेकिन भू-Political तनावों से प्रभावित वैश्विक ईंधन बाजार के कारण मौजूदा कीमतों को बनाए रखना मुश्किल हो गया है. आम आदमी पर भारी वृद्धि को रोकने के लिए, मंत्री सरनाइक ने गैर-टिकट राजस्व बढ़ाने के लिए उठाए जा रहे कई उपायों की रूपरेखा प्रस्तुत की.
एमएसआरटीसी सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत 100 से अधिक मल्टी-मोडल ईंधन स्टेशन (पेट्रोल, डीजल, सीएनजी और ईवी चार्जिंग) स्थापित कर रहा है, जिससे सालाना 100 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त होगा. निगम इलेक्ट्रिक बसों की ओर बदलाव को गति दे रहा है.
सरनाइक ने बताया कि अतिरिक्त आय अर्जित करने के लिए एमएसआरटीसी चार्जिंग स्टेशन अंततः निजी वाहनों के लिए भी खोले जाएंगे. उन्होंने कहा कि एक नई महत्वाकांक्षी योजना का लक्ष्य बसों और स्टैंडों पर विज्ञापनों के माध्यम से अगले पांच वर्षों में 250 करोड़ रुपए से अधिक की आय अर्जित करना है.
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