वायरल होने की दौड़ में लोग अपनी असली पहचान खो रहे: विजय विक्रम सिंह

Mumbai , 20 अगस्त . भारतीय वॉयस-ओवर आर्टिस्ट विजय विक्रम सिंह मुख्य रूप से लोकप्रिय रियलिटी शो ‘बिग बॉस’ की जानी-पहचानी और दमदार आवाज (नैरेटर) के रूप में जाने जाते हैं. उन्होंने के साथ बातचीत में बताया कि वे बिग बॉस से जुड़ी एक आवाज हैं न कि बिग बॉस हैं.

उन्होंने कहा, “बहुत से लोगों को लगता है कि मैं ही बिग बॉस हूं और इस वजह से हमेशा कुछ कंफ्यूजन रहता है, लेकिन ये पहचान मेरे ऊपर कभी भारी नहीं पड़ी, बल्कि इसने हमेशा ही मेरी मदद की है.”

रियलिटी शो ‘बिग बॉस’ के बारे में बात करते हुए विजय विक्रम सिंह ने बताया कि यह शो इस तरह से बनाया गया है कि कोई कितना भी बड़ा Actor क्यों न हो, शो के आखिरी तक सभी की असलियत सामने आने ही लगती है.

ने सवाल किया, “आज की इंडस्ट्री में कॉन्ट्रोवर्सी, वायरल मोमेंट्स और social media रिवीलेशन बहुत जरूरी हो गए हैं. क्या आपको लगता है कि अपनी असली पर्सनैलिटी दिखाने से ज्यादा कंटेंट बनाना प्रायोरिटी बन गया है?”

इस पर विजय विक्रम सिंह ने कहा, “आज के समय हर किसी को वायरल होना है. कई बार वायरलिटी के लिए लोग कुछ खास चीजें करते हैं. मैं किसी रियलिटी शो की बात नहीं कर रहा हूं. मैं बस आमतौर पर social media की बात कर रहा हूं. पब्लिक आई में बने रहने, मार्केट में बने रहने के लिए कुछ टैलेंट की जरूरत होती है. आज लोग कभी-कभी न्यूज में बने रहने के लिए खुद को एक्सपोज करने या अपनी पर्सनैलिटी से कॉम्प्रोमाइज करने को भी तैयार हो जाते हैं.”

उन्होंने कहा, “आज के समय पूरी दुनिया इसी सिचुएशन पर है. वायरल होने के लोग भूल रहे हैं कि वे असल में कौन हैं और जो वे खुद है, उससे दूर जा रहे हैं. वे ऐसी चीजें करने की कोशिश कर रहे हैं जिससे वे social media या दुनिया भर में वायरल हो सकें. यह सिर्फ रियलिटी टेलीविजन की प्रॉब्लम नहीं है. यह हमारे समाज के अंदर एक प्रॉब्लम बन गई है. लोग वही बनना चाहते हैं जो उन्हें वायरल कर सके. वे अपनी ओरिजिनल या यूनिक पर्सनैलिटी को खोजने की कोशिश नहीं कर रहे हैं.”

नेटफ्लिक्स की कोर्टरूम ड्रामा फिल्म ‘इक्का’ में विजय विक्रम सिंह ने जज कामरा की छोटी-सी भूमिका अदा की थी. क्या कम स्क्रीन टाइम के साथ इम्पैक्ट डालना चैलेंजिंग था? इसका जवाब देते हुए विजय विक्रम सिंह ने कहा, “नहीं, जब आप किसी बेहतरीन कहानी का इंपॉर्टेंट हिस्सा होते हैं, तो आपको बस उस प्रोसेस के लिए खुद को सरेंडर करना होता है, जो कि मैंने भी कर दिया था. हमारे निर्देशक का एक विजन था, जिसे मैंने आसानी से समझ लिया था और उसी में रम गया था. इसीलिए लोगों को कैरेक्टर याद रहा.

विजय विक्रम सिंह का मानना है कि फिल्म ‘इक्का’ ने उनके अभिनय को पहचान दिलाई. उन्होंने कहा, “मैं कहता हूं कि इक्का ने मेरे एक्टिंग करियर के लिए वही किया जो बिग बॉस ने मेरे वॉइस करियर के लिए किया था. इसने मुझे एक एक्टर के तौर पर पहचान दिलाई, जबकि शो ने मुझे एक वॉइस के तौर पर पहचान दिलाई.”

एनएस/वीसी

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