
New Delhi, 30 मार्च . Lok Sabha में आज नक्सलवाद के खात्मे पर अहम चर्चा होने जा रही है. यह बहस दोपहर में शुरू होगी और काफी संक्षिप्त रहेगी. चर्चा की शुरुआत शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे करेंगे. वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शाम को Lok Sabha में इस मुद्दे पर विस्तार से अपनी बात रखेंगे. भाजपा की ओर से बस्तर के सांसद महेश कश्यप भी इस चर्चा के दौरान अपने विचार रखेंगे.
बस्तर का इलाका क्षेत्रफल में केरल राज्य से भी बड़ा है. इस क्षेत्र का अतीत और वर्तमान में काफी अंतर दिखाई दे रहा है. पहले यहां नक्सलवाद का काफी प्रभाव था, लेकिन अब स्थिति बदल रही है. सुरक्षा बलों के निरंतर प्रयासों और Government की मजबूत नीतियों की वजह से बस्तर में विकास की नई लहर आ रही है.
Naxalite हमलों के कारण इस क्षेत्र के लोगों की एक पूरी पीढ़ी को भारी कष्ट झेलना पड़ा. गांवों में हिंसा, भय और पिछड़ापन आम बात थी, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में मोदी Government के निरंतर प्रयासों से नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा बढ़ी है. सड़कें बनी हैं, स्कूल और अस्पताल खुले हैं और स्थानीय लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने का काम तेज हुआ है.
सुरक्षा बलों के जवान लगातार अपनी जान की बाजी लगाकर इस चुनौती से लड़ रहे हैं. उनके बलिदान और Government की दोहरी रणनीति सुरक्षा के साथ-साथ विकास की वजह से नक्सलवाद कमजोर पड़ रहा है. अब ‘नक्सल मुक्त भारत’ का सपना हकीकत की राह पर तेजी से बढ़ रहा है.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि मार्च 2026 तक पूरे देश से नक्सलवाद समाप्त कर दिया जाएगा. बस्तर को देश का सबसे विकसित आदिवासी क्षेत्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है.
आज की Lok Sabha चर्चा इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. इसमें नक्सलवाद से प्रभावित क्षेत्रों में हो रहे बदलावों, सुरक्षा बलों की भूमिका और भविष्य की योजनाओं पर विचार-विमर्श होगा. Government का मानना है कि विकास और सुरक्षा के संतुलित प्रयास से इन इलाकों को पूरी तरह शांतिपूर्ण और समृद्ध बनाया जा सकता है.
यह चर्चा न केवल संसद में, बल्कि पूरे देश में नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियान को नई दिशा और मजबूती देगी.
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वीसी