मणिपुर: उखरुल में दो नागरिकों की मौत के बाद तनाव बरकरार, उग्रवादियों की तलाश जारी

इंफाल, 19 अप्रैल . भारतीय सेना के एक रिटायर्ड जवान समेत दो लोगों की हत्या के एक दिन बाद, Sunday को लगातार दूसरे दिन भी मणिपुर के उखरुल जिले में स्थिति तनावपूर्ण रही. सुरक्षा बल इस घटना में शामिल उग्रवादियों को पकड़ने के लिए तलाशी अभियान जारी रखे हुए हैं.

एक Police अधिकारी ने बताया कि Saturday को उखरुल जिले के रौदेई में आम नागरिकों के निजी और यात्री वाहनों पर हुए हमले के सिलसिले में संदिग्ध कुकी उग्रवादियों के खिलाफ लिटान Police थाने में एक First Information Report दर्ज की गई है. हमले के तुरंत बाद घटना स्थल पर अतिरिक्त सुरक्षा बलों को भेजा गया और दोषियों का पता लगाने के लिए Sunday को भी संयुक्त अभियान जारी रहे.

नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालिम (एनएससीएन-आईएम) ने Sunday को इन हत्याओं की कड़े से कड़े शब्दों में निंदा की. समूह ने इस घटना को कुकी उग्रवादियों द्वारा किया गया एक घोर कृत्य बताया. ये उग्रवादी कथित तौर पर Government के साथ ‘सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशन्स’ (एसओओ) समझौते के तहत काम कर रहे हैं.

इसमें कहा गया कि इस तरह की आक्रामक कार्रवाइयां न केवल तनाव बढ़ाती हैं, बल्कि मौजूदा Governmentी तंत्र की संभावित विफलता की ओर भी इशारा करती हैं. एनएससीएन-आईएम ने यह भी चेतावनी दी कि नागा लोग अपनी जमीन और संप्रभुता की रक्षा के लिए उपलब्ध सभी रक्षात्मक उपायों को अपनाने के लिए विवश हो सकते हैं.

बयान में आगे कहा गया कि अब यह महज एक दावा नहीं रह गया है. कई स्थानीय रिपोर्टें और गवाहियां एसओओ समझौते के तहत भारतीय सुरक्षा बलों और कुकी सशस्त्र समूहों के बीच कथित मिलीभगत की पुष्टि करती हैं. इसका मकसद नागालिम में Political स्थिति को कमजोर करना और जातीय संघर्ष की आड़ में प्रॉक्सी संघर्षों के जरिए पड़ोसी क्षेत्रों को अस्थिर करना है.

Police के अनुसार, नागा समुदाय से ताल्लुक रखने वाले दो पीड़ितों की उखरुल जिले में इम्फाल-दिमापुर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-2) पर गोली मारकर हत्या कर दी गई. यह घटना तब हुई जब कुछ अज्ञात हथियारबंद हमलावरों ने ज़िले की ओर जा रहे वाहनों पर गोलियां चला दीं.

मृतकों की पहचान चाइनाओशांग शोक्वुंगनाओ (45) और यारूइंगम वाशुम (42) के रूप में हुई.

Police ने बताया कि इम्फाल से उखरुल जा रहे 10 से ज्यादा निजी और यात्री वाहनों पर पास की ही एक पहाड़ी से घात लगाकर हमला किया गया. इस हमले में तीन यात्रियों को गोली लगी, जिनमें से दो की बाद में मौत हो गई.

उखरुल जिले के लिटान इलाके और उसके आस-पास कुकी और तांगखुल नागा गुटों के बीच इस साल फरवरी से ही सशस्त्र संघर्ष जारी है.

अशांति के बीच, इंफाल-दीमापुर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-2) को हथियारबंद बदमाशों द्वारा अक्सर अवरुद्ध किया गया है.

इस बीच, मणिपुर के Chief Minister युमनम खेमचंद सिंह ने Saturday को घोषणा की कि राज्य Government ने उखरुल जिले की गोलीबारी की घटना की गहन और विस्तृत जांच के लिए इसे राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंपने का निर्णय लिया है.

पीएसके

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