
Lucknow, 19 अप्रैल . दोहरी नागरिकता मामले में Lok Sabha में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी Monday को इलाहाबाद हाई कोर्ट में अपना पक्ष रख सकते हैं. यह मामला एक भाजपा कार्यकर्ता द्वारा दायर याचिका से जुड़ा है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि वह ब्रिटिश नागरिक हैं और उनके पास दोहरी नागरिकता है.
जस्टिस सुभाष विद्यार्थी की एकल पीठ के सामने होने वाली यह अहम सुनवाई ऐसे समय पर हो रही है, जब हाई कोर्ट ने उत्तर प्रदेश Police को कर्नाटक के भाजपा कार्यकर्ता विग्नेश शिशिर की शिकायत की जांच करने का निर्देश दिया है.
Friday को हाई कोर्ट ने मौखिक आदेश में Police को जांच शुरू करने और जरूरत पड़ने पर राहुल गांधी के खिलाफ First Information Report दर्ज करने पर विचार करने की अनुमति दी थी.
कोर्ट ने Saturday को अपने आदेश में बदलाव करते हुए कहा कि किसी भी ऐसे निर्देश से पहले संभावित आरोपी को पक्ष रखने का मौका दिया जाना चाहिए.
इससे पहले 2019 में राहुल गांधी को कथित दोहरी नागरिकता के मुद्दे पर Lok Sabha चुनाव लड़ने से अयोग्य ठहराने की मांग वाली याचिका को तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने खारिज कर दिया था.
जस्टिस विद्यार्थी ने Saturday को कहा कि प्रस्तावित आरोपी को नोटिस दिए बिना फैसला अंतिम नहीं किया जा सकता.
हाई कोर्ट की वेबसाइट पर अपलोड किए गए आदेश में जस्टिस विद्यार्थी ने कहा कि सुनवाई के दौरान सभी पक्षों ने माना था कि बीएनएसएस की धारा 528 के तहत आवेदन पर फैसला लेते समय आरोपी को नोटिस देना जरूरी नहीं है, लेकिन आदेश टाइप और साइन होने से पहले कोर्ट के सामने एक पुराने फैसले (जगन्नाथ वर्मा बनाम उत्तर प्रदेश Government) का हवाला आया, जिसमें कहा गया है कि First Information Report दर्ज करने से इनकार करने वाला आदेश अंतिम नहीं होता और इसमें बदलाव किया जा सकता है. साथ ही, संभावित आरोपी को सुनवाई का अधिकार है.
जस्टिस विद्यार्थी ने कहा कि इस कानूनी स्थिति को देखते हुए राहुल गांधी को नोटिस दिए बिना धारा 528 के तहत आवेदन पर फैसला नहीं किया जाना चाहिए, और इस मुद्दे पर सभी पक्षों को अपनी बात रखनी होगी.
यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि पहले कोर्ट ने उत्तर प्रदेश Police को राहुल गांधी की कथित दोहरी नागरिकता के आरोपों की जांच करने और First Information Report दर्ज करने पर विचार करने को कहा था. यह सुनवाई Lucknow की एक विशेष एमपी/एमएलए अदालत के 28 जनवरी के उस आदेश को चुनौती देने पर हो रही थी, जिसमें First Information Report दर्ज करने से मना कर दिया गया था.
याचिकाकर्ता का आरोप है कि राहुल गांधी ब्रिटिश नागरिक हैं, इसलिए वे चुनाव लड़ने या सांसद बने रहने के योग्य नहीं हैं. इसके लिए उसने कथित दस्तावेजों और ब्रिटेन की एजेंसियों से मिली जानकारी का हवाला दिया है.
याचिकाकर्ता ने भारतीय न्याय संहिता, आधिकारिक गोपनीयता कानून, विदेशी अधिनियम और पासपोर्ट कानून के तहत कार्रवाई की मांग की है.
यह शिकायत पहले रायबरेली की विशेष एमपी/एमएलए अदालत में दायर की गई थी, जिसे बाद में इलाहाबाद हाई कोर्ट में लाया गया.
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एएमटी/डीकेपी