अगर खाने में जहर या मिलावट हो तो इंसान की सारी मेहनत बेकार हो जाती है : निर्देशक चेतन

Mumbai , 3 जुलाई . निर्देशक चेतन की फिल्म ‘द इंडिया स्टोरी’ खाद्य सुरक्षा (फूड सेफ्टी) के मुद्दे पर लोगों को सोचने पर मजबूर करती है. फिल्म के प्रमोशन के दौरान चेतन ने के साथ बातचीत में बताया कि यह कहानी हर भारतीय परिवार को प्रभावित करने वाले खतरे को सामने लाती है.

से बात करते हुए निर्देशक चेतन ने कहा, ”लोग दिन-रात मेहनत करके अपने घर का खाना कमाते हैं, लेकिन अगर वही खाना जहरीला या मिलावटी हो जाए, तो उनकी पूरी मेहनत बेकार हो जाती है. मेरा मानना है कि यह सिर्फ एक व्यक्तिगत समस्या नहीं है, अगर खाने में किसी तरह की मिलावट या जहर हो, तो यह सीधे बच्चों और परिवार के बाकी सदस्यों की सेहत पर असर डाल सकता है.”

चेतन ने कहा, ”यह फिल्म हर परिवार के लिए बनाई गई है और इसका मकसद लोगों को जागरूक करना है. फिल्म में यह दिखाया गया है कि खाने की सुरक्षा से जुड़ी समस्याएं कितनी गंभीर हैं और हमें किन बातों पर ध्यान देना चाहिए. यह कहानी डराने के लिए नहीं, बल्कि लोगों को समझाने के लिए है कि सावधानी क्यों जरूरी है और कैसे हम अपने खाने को सुरक्षित रख सकते हैं.”

उन्होंने आगे कहा, ”फिल्म देखने के बाद दर्शक इस मुद्दे की गंभीरता को महसूस करेंगे. यह फिल्म लोगों को सोचने पर मजबूर कर देगी और वे अपने रोजमर्रा के खाने को लेकर और ज्यादा सतर्क हो जाएंगे. फिल्म का उद्देश्य यह दिखाना है कि समाज में मौजूद ये समस्याएं कितनी गहरी हैं और इन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.”

फिल्म ‘द इंडिया स्टोरी’ में Actor श्रेयस तलपड़े मुख्य भूमिका में नजर आएंगे. यह फिल्म खास तौर पर उन मुद्दों पर आधारित है, जिनमें पेस्टिसाइड का इस्तेमाल और खाने में मिलावट जैसे गंभीर विषय शामिल हैं.

फिल्म में काजल अग्रवाल एक वकील ‘अर्चना’ की भूमिका निभा रही हैं, जो एक आम नागरिक के साथ मिलकर उन बड़ी कंपनियों के खिलाफ लड़ाई लड़ती हैं जिन पर लोगों की जिंदगी खतरे में डालने का आरोप होता है.

पीके/एएस

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