
अयोध्या, 7 जून . राम जन्मभूमि मंदिर में करोड़ों के चढ़ावे गायब होने के अखिलेश यादव के आरोप और न्यायालय से स्वतः संज्ञान लेने की मांग को लेकर राम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट के ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास ने कहा कि अगर कोई गलती हुई होगी तो भगवान राम खुद दंड देंगे. इसके बाद भी कोई शंका है तो जांच करवाने में कोई दिक्कत नहीं है.
दान में घोटाले को लेकर राम मंदिर ट्रस्ट के ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास जी महाराज ने कहा, “हमें राम जी पर विश्वास है. जो भी ऐसा करेगा, राम जी उसे स्वयं देख लेंगे और यदि कोई गलती होगी तो राम जी स्वयं दंड देंगे. राम जी पर हमारा विश्वास है. हमारे लोग ऐसा कार्य नहीं करेंगे. हम राम जी की परंपरा और आस्था को बनाए रख रहे हैं.”
उन्होंने कहा, “शासन द्वारा जो निर्णय लिया जाएगा, वह हमारे लिए मान्य है. यदि कोई गलती हो तो जांच कराने में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए. हमें रामलला पर पूरा विश्वास है. यदि कोई गलती होती है तो रामलला स्वयं दंड देंगे.”
आर्य संत वरुण दास जी महाराज ने कहा कि राम मंदिर हिंदू जनमानस की आस्था का केंद्र है. राम जन्मभूमि के लिए राम भक्तों ने बलिदान दिया है. उन्होंने कहा कि राम भक्तों को पीड़ित करने का कार्य अखिलेश यादव ने किया है, इसलिए राम मंदिर से संबंधित विषयों पर उनके बोलने का कोई अधिकार नहीं है. यदि किसी प्रकार की भ्रामक खबरें फैल रही हैं तो वह चुनाव को देखते हुए कुछ लोगों द्वारा की गई अफवाहें हैं.
उन्होंने यह भी कहा कि वहां पर कार्य करने वाले सभी लोग और निर्माण से जुड़े जिम्मेदार लोग राम जन्मभूमि से जुड़े हुए हैं, और निश्चित रूप से पारदर्शिता की जांच होनी चाहिए और होगी भी. राम मंदिर पर Government की भी नजर रहती है, इसलिए किसी गड़बड़ी की संभावना नहीं है. यह विरोधियों द्वारा फैलाए गए भ्रम का हिस्सा हो सकता है.
महंत सीताराम दास जी महाराज ने कहा, “अखिलेश यादव मानसिक रूप से विकृत हो चुके हैं. मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि उन्होंने अब तक रामलला के दर्शन नहीं किए और न ही चढ़ावे में कोई योगदान दिया है. जिन्होंने राम भक्तों पर गोली चलवाई थी, वे आज राम मंदिर पर टिप्पणी कर रहे हैं.”
उन्होंने कहा, “वे राम जन्मभूमि की चढ़ाई पर भी नजर रख रहे हैं. मैं पूछना चाहता हूँ कि जब मस्जिदों या मौलानाओं पर कोई टिप्पणी होती है, तो वे चुप रहते हैं. लेकिन जब सनातन संस्कृति या हिंदू जनमानस की आस्था की बात आती है, तो वे उस पर प्रश्न उठाते हैं.”
उन्होंने कहा कि अयोध्या रामलला की जन्मभूमि है और यह करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र है. इस पर प्रश्न उठाना या भ्रामक समाचार फैलाना गलत है. उन्होंने मांग की कि इस मामले में उचित कार्यवाही होनी चाहिए और जब तक जांच पूरी न हो, तब तक किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचना चाहिए. ऐसी भ्रामक खबरें दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय हैं.
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पीआईएम/डीएससी