
New Delhi, 30 अप्रैल . दिल्ली की Chief Minister रेखा गुप्ता ने निजी स्कूलों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि अभिभावकों को किताबें, यूनिफॉर्म और स्टेशनरी खरीदने के लिए किसी एक दुकान या स्कूल द्वारा तय विक्रेता से सामान लेने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता.
सीएम रेखा गुप्ता ने एक वीडियो जारी कर साफ कहा कि अगर किसी स्कूल ने ऐसा दबाव बनाया तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ी तो स्कूल का अधिग्रहण (टेकओवर) भी किया जा सकता है.
उन्होंने कहा कि वह दिल्ली के किसी भी निजी स्कूल में कभी भी निरीक्षण के लिए पहुंच सकती हैं. उन्होंने कहा कि हर स्कूल को अपने नोटिस बोर्ड, आधिकारिक वेबसाइट और यदि स्कूल का अपना कोई स्टोर है तो वहां भी साफ-साफ लिखकर बताना होगा कि अभिभावक अपने बच्चों के लिए यूनिफॉर्म, किताबें और स्टेशनरी कहीं से भी खरीदने के लिए स्वतंत्र हैं.
उन्होंने कहा कि किसी भी अभिभावक पर यह दबाव नहीं बनाया जा सकता कि वह स्कूल से ही सामान खरीदे या स्कूल द्वारा तय किसी एक विक्रेता से ही किताबें और यूनिफॉर्म ले. स्कूल सुविधा के लिए कुछ दुकानों के नाम सुझा सकते हैं, लेकिन यह केवल सुझाव होगा, बाध्यता नहीं.
रेखा गुप्ता ने कहा कि इस व्यवस्था को बिना किसी अपवाद के लागू किया जाए. उन्होंने कहा कि इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया जाए, क्योंकि अगर कहीं भी किसी तरह की गड़बड़ी, दबाव या मनमानी पाई गई तो संबंधित स्कूल के खिलाफ सबसे सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
Chief Minister ने कहा कि उनका स्कूलों में निरीक्षण कोई दिखावा नहीं, बल्कि नियमों को जमीन पर लागू कराने की कार्रवाई है. उन्होंने कहा कि यह कदम उन शिकायतों और सुझावों के आधार पर उठाया जा रहा है, जो अभिभावकों ने उन्हें सीधे भेजे हैं.
उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे आगे भी अपने सुझाव और शिकायतें भेजते रहें. Chief Minister ने कहा कि जहां-जहां गड़बड़ी की शिकायत मिलेगी, वह खुद वहां जाएंगी.
रेखा गुप्ता ने कहा, ”दिल्ली को ठीक करना हमारी जिम्मेदारी है. मेरी दिल्ली, मेरी जिम्मेदारी.”
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एएमटी/डीकेपी