
New Delhi, 17 मई . मौलाना साजिद रशीदी ने आंध्र प्रदेश के Chief Minister चंद्रबाबू नायडू द्वारा तीसरे बच्चे पर 30 हजार और चौथे बच्चे पर 40 हजार रुपए देने की घोषणा पर Sunday को तीखी प्रतिक्रिया दी है. साथ ही उन्होंने भोजशाला परिसर में हिंदुओं को एएसआई द्वारा प्रवेश की अनुमति दिए जाने पर भी नाराजगी जताई.
मौलाना साजिद रशीदी ने चंद्रबाबू नायडू के अपील पर से बात करते हुए कहा, “इस तरह के ऐलान हिंदू धर्मगुरुओं की तरफ से भी होते रहते हैं और राजनेता भी अलग-अलग तरीके से बोलते रहते हैं. Chief Minister का बयान भी इसी क्रम में आया है, लेकिन इस पर कोई ध्यान नहीं देता.”
उन्होंने कहा, “Government भले 30 हजार रुपये दे दे, लेकिन बच्चों का पालन-पोषण तो परिवार को ही करना होता है. यह सिर्फ Political लाभ के लिए दिया गया बयान है. जब तक भ्रूण हत्या बंद नहीं होगी, तब तक हिंदू जनसंख्या में वृद्धि संभव नहीं है.”
मौलाना ने कहा कि हिंदू समुदाय में लड़की भ्रूण हत्या की समस्या बहुत गंभीर है. उन्होंने आरोप लगाया, “हिंदू समुदाय के लोग गर्भ में बच्चों को मार रहे हैं. अगर उन्हें पता चल जाए कि पेट में बच्ची है तो वह उसे मार देते हैं. ऐसे में जनसंख्या बढ़ने की उम्मीद कैसे की जा सकती है?”
उन्होंने इस्लाम की तुलना करते हुए कहा, “इस्लाम में बच्चे को पेट में या बाहर मारना हराम है. इसलिए मुस्लिम बच्चे का लिंग पता लगाने के लिए जांच भी नहीं कराते. वे सभी बच्चों को खुशी से अपनाते हैं.”मौलाना साजिद रशीदी ने सुझाव दिया कि Chief Minister नायडू को गर्भपात पर सख्त कानून बनाने की घोषणा करनी चाहिए. उन्होंने कहा, “सीएम को ऐसा ऐलान करना चाहिए कि जो भी गर्भ में बच्चे को मारेगा, उसे 5 या 10 साल की सजा होगी. इसके बाद जनसंख्या अपने आप बढ़ जाएगी.”
भोजशाला परिसर में हाईकोर्ट के आदेश के बाद एएसआई द्वारा हिंदुओं को बिना रोक-टोक प्रवेश देने पर मौलाना ने कहा, “मस्जिद में हजारों साल से नमाज होती रही है. 2003 में एएसआई ने खुद लिखकर दिया था कि नमाज होगी. वही एएसआई अब रिपोर्ट बना रही है कि यह हिंदू मंदिर है. यह नफरत फैलाने वाला फैसला है. हम इसे Supreme Court में चुनौती देंगे.”
मौलाना ने न्यायपालिका की स्थिति पर भी चिंता जताते हुए कहा कि Supreme Court के जजों ने कई बार Government से जजों की संख्या बढ़ाने की अपील की है क्योंकि 3.5 करोड़ मामले लंबित हैं.
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एससीएच/वीसी