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Sunday, 1 November 2026
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अरुणाचल में अचानक आई बाढ़ के बाद असम में हाई अलर्ट, निचले इलाकों में खतरे की चेतावनी

अरुणाचल में अचानक आई बाढ़ के बाद असम में हाई अलर्ट, निचले इलाकों में खतरे की चेतावनी

गुवाहाटी, 24 जून . अरुणाचल प्रदेश के लोअर सुबनसिरी जिले में भारी बारिश और अचानक आई बाढ़ (फ्लैश फ्लड) के बाद असम Government ने राज्य में हाई अलर्ट जारी कर दिया है. अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगले एक-दो दिनों में कई निचले जिलों में नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है.

Wednesday को जारी Governmentी बयान के अनुसार, सुबनसिरी नदी बेसिन के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में हुई अत्यधिक बारिश के कारण अचानक बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हुई है, जिससे नदी के प्रवाह में तेज वृद्धि दर्ज की गई है.

क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (आरएमसी), गुवाहाटी और मौसम केंद्र, ईटानगर से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, लोअर सुबनसिरी जिले के याजाली स्टेशन पर पिछले 24 घंटों में 72.8 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई. इसमें से अधिकांश बारिश Wednesday सुबह 6 बजे से 9 बजे के बीच हुई.

उपग्रह और रडार तस्वीरों से पता चला है कि सुबह 6 बजे से 7:30 बजे के बीच हुई मूसलाधार बारिश के कारण अचानक बाढ़ और नदी के जलप्रवाह में तेज उछाल आया.

यह बाढ़ पन्योर लोअर हाइड्रोइलेक्ट्रिक परियोजना क्षेत्र में दर्ज की गई, जिसे पहले रंगानदी हाइड्रोइलेक्ट्रिक परियोजना के नाम से जाना जाता था.

अधिकारियों ने बताया कि जलप्रवाह में अचानक वृद्धि के चलते अतिरिक्त पानी छोड़ने के लिए परियोजना का एक स्पिलवे गेट खोला गया. याजाली क्षेत्र से मिली रिपोर्टों के अनुसार, मलबे के साथ आई बाढ़ से कई मकानों और अन्य बुनियादी ढांचों को नुकसान पहुंचा है.

एक वरिष्ठ Governmentी अधिकारी ने बताया कि बाढ़ की लहर सबसे पहले धेमाजी, लखीमपुर, बिस्वनाथ और सोनितपुर जिलों को प्रभावित कर सकती है. इसके बाद यह पश्चिमी असम की ओर बढ़ते हुए अगले एक-दो दिनों में धुबरी तक पहुंच सकती है.

Chief Minister हिमंत बिस्व सरमा के निर्देश पर मुख्य सचिव रवि कोटा ने स्थिति की समीक्षा की और सभी संबंधित विभागों को अधिकतम सतर्कता बरतने तथा आपदा से निपटने की पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए.

जिला प्रशासन को लगातार निगरानी रखने के लिए कहा गया है. वहीं, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और अन्य आपदा राहत एजेंसियों की टीमों को भी तैनाती के लिए तैयार रखा गया है.

प्रशासन ने निचले और बाढ़ संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने, जलभराव वाले इलाकों में जाने से बचने तथा छोटी नावों और देशी नौकाओं से यात्रा न करने की सलाह दी है, क्योंकि नदी की धाराएं तेज होने की आशंका है.

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डीएससी

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