हरिवंश फिर बने राज्यसभा के सदस्य, उपराष्ट्रपति ने दिलाई शपथ

New Delhi, 10 अप्रैल . हरिवंश नारायण सिंह एक बार फिर राज्यसभा के सदस्य बने हैं. Friday को उन्होंने बतौर राज्यसभा सांसद शपथ ली. बीते कई वर्षों से हरिवंश नारायण सिंह राज्यसभा के उपसभापति रहे हैं. उनका कार्यकाल पूरा होने पर उन्हे राज्यसभा के लिए नॉमिनेट किया गया है. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक अधिसूचना जारी कर इसकी जानकारी दी थी.

मनोनीत किए जाने के उपरांत Friday को उन्होंने राज्यसभा सदस्य के तौर पर शपथ ली. राज्यसभा में यह उनका तीसरा कार्यकाल है. प्रख्यात पत्रकार रहे हरिवंश का यह नया कार्यकाल वर्ष 2032 तक चलेगा. Friday को सामने आई अधिसूचना में बताया गया था कि India के संविधान के अनुच्छेद 80 के खंड (3) के साथ पठित खंड (1) के उपखंड (क) के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए President ने हरिवंश को राज्यसभा के लिए नामित किया है. पूर्व मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई के राज्यसभा से हाल ही में रिटायर होने के बाद संसद के उच्च सदन में यह एक सीट खाली हो हुई थी.

गौरतलब है कि संविधान के अनुसार President राज्‍यसभा में 12 सदस्यों को नामित या मनोनीत कर सकती हैं. राज्यसभा के ये सदस्‍य साहित्‍य, विज्ञान, कला और समाज सेवा जैसे क्षेत्रों में विशेष ज्ञान या अनुभव के आधार पर मनोनीत किए जाते हैं. इससे पहले नीतीश कुमार की जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) ने हरिवंश नारायण सिंह राज्यसभा सांसद बनाया था. लेकिन इस बार जेडीयू ने उन्हें उम्मीदवार नहीं बनाया और हरिवंश को President द्रौपदी मुर्मु द्वारा राज्यसभा सांसद मनोनीत किया गया.

राज्यसभा में हरिवंश का कार्यकाल 9 अप्रैल को खत्म हो चुका था. 10 अप्रैल से उनका नया कार्यकाल शुरू हुआ है. हरिवंश को पहली बार जेडीयू ने अप्रैल 2014 में बिहार से पहली बार राज्यसभा में भेजा था. 9 अगस्त 2018 को उन्हें राज्यसभा का उपसभापति बनाया गया. गौरतलब है कि Friday को ही नीतीश कुमार ने भी राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ली. New Delhi में राज्यसभा के सभापति व उपPresident सीपी राधाकृष्णन ने उन्हें राज्यसभा सांसद के तौर पर शपथ दिलाई.

इस मौके पर राज्यसभा में नेता सदन व Union Minister जेपी नड्डा, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन, कांग्रेस के जयराम रमेश, जेडीयू व भाजपा नेता मौजूद रहे. नीतीश कुमार के इस शपथग्रहण के साथ ही बिहार की सियासत में भी एक ऐतिहासिक बदलाव की शुरुआत हो गई है.

गौरतलब है कि बिहार के Chief Minister नीतीश कुमार राज्य विधान परिषद के सदस्य थे. लेकिन राज्यसभा के लिए निर्वाचन के बाद उन्होंने 30 मार्च को विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था. नीतीश कुमार बीते मार्च महीने में संसद के उच्च सदन के लिए बिहार से निर्वाचित हुए थे.

जीसीबी/एएस

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