
मास्को, 3 मार्च . रूस के President व्लादिमीर पुतिन गल्फ में तेल रिफाइनरी पर हमलों को लेकर अरब नेताओं की चिंताओं से ईरान को अवगत कराएंगे; क्रेमलिन ने इसकी पुष्टि की है.
क्रेमलिन प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने मीडिया से बातचीत में इसकी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि पुतिन ने Monday को चार खाड़ी देशों के नेताओं को फोन कॉल किए, और इस इलाके में तनाव कम करने के लिए तेहरान के साथ मास्को के संबंधों का इस्तेमाल करने की पेशकश की. उन्होंने कहा कि ईरान के साथ उनकी स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप है.
पेसकोव ने पत्रकारों को बताया, “पुतिन निश्चित रूप से तनाव को कम करने में थोड़ी मदद करने की पूरी कोशिश करेंगे.”
उन्होंने “कल (Monday ) बातचीत में पुतिन ने इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों को लेकर गल्फ देश के वार्ताकारों से गंभीर चिंता व्यक्त की. उनसे बात कर वस्तुस्थिति को समझा ताकि ईरानी लीडरशिप के साथ हमारी बातचीत सही दिशा में आगे बढ़ सके.”
अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान शुरू किया था. तेहरान समेत ईरान के बड़े शहरों पर हमला किया गया. व्हाइट हाउस ने ईरान से कथित मिसाइल और न्यूक्लियर खतरों का हवाला देकर हमले को सही ठहराया.
उसी समय, अमेरिकी President ने खुले तौर पर ईरानी जनता से अपनी Government के खिलाफ उठ खड़े होने और सत्ता पर कब्जा करने की अपील की थी.
जब से यूएस और इजरायल ने ईरान के खिलाफ अभियान शुरू किया है, तब से पुतिन ने अमेरिकी President डोनाल्ड ट्रंप से बात नहीं की है, और पेसकोव का कहना है कि इस समय ऐसी बातचीत की कोई योजना भी नहीं है.
यूएस-इजरायल की इस संयुक्त कार्रवाई में, ईरान के सुप्रीम लीडर, अयातुल्ला अली खामेनेई और इस्लामिक रिपब्लिक के कई बड़े नेता मारे गए. इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने जवाबी कार्रवाई का ऐलान किया, जिसमें इजरायल की कई जगहों को निशाना बनाया गया. बहरीन, जॉर्डन, कतर, कुवैत, यूएई और सऊदी अरब में यूएस मिलिट्री बेस पर भी हमला हुआ.
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केआर/