
बागलकोट, 14 मार्च कर्नाटक के Chief Minister सिद्दारमैया ने Saturday को कहा कि राज्य Government उत्तरी कर्नाटक में क्षेत्रीय असंतुलन को दूर करने के लिए प्रतिबद्ध है, और उन्होंने जोर देकर कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली राज्य Government जनता से किए गए वादों को पूरा करती है. उन्होंने कहा, “गारंटी और विकास को समान प्राथमिकता दी जाएगी.”
उन्होंने बागलकोट मेडिकल कॉलेज और रिसर्च इंस्टीट्यूट की आधारशिला रखने, विभिन्न विकास कार्यों का उद्घाटन करने और अपर कृष्णा परियोजना (यूकेपी) के तीसरे चरण के तहत अधिग्रहित भूमि के लिए मुआवजे के वितरण की शुरुआत करने के बाद यह बात कही.
Chief Minister ने क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले और हाल ही में दिवंगत हुए पूर्व विधायक एच. वाई. मेती को भी श्रद्धांजलि अर्पित की और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की. उन्होंने कहा कि बागलकोट में Governmentी मेडिकल कॉलेज की स्थापना में मेती ने अहम भूमिका निभाई थी.
उन्होंने स्पष्ट किया, “मेडिकल कॉलेज की स्थापना की घोषणा 2025 के राज्य बजट में की गई थी और राज्य Government के विकास एजेंडा के तहत इसकी आधारशिला रखी जा रही है, न कि आगामी उपचुनाव के कारण.”
सिद्धारमैया ने कहा कि कर्नाटक में सत्ता में आने के बाद से राज्य Government ने कई जिलों के विकास के उद्देश्य से कई शिलान्यास समारोह और उद्घाटन कार्यक्रम शुरू किए हैं. उन्होंने कहा, “राज्य Government का इरादा हर जिले में मेडिकल कॉलेज और ट्रॉमा सेंटर स्थापित करने का है, और लगभग 25 जिलों में पहले ही कदम उठाए जा चुके हैं.”
उन्होंने आगे कहा कि अगले साल बागलकोट में एक सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल भी स्थापित किया जाएगा. Chief Minister ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा लगाए गए ये आरोप कि गारंटी योजनाओं के कारण विकास के लिए कोई धन नहीं बचा है, सत्य से कोसों दूर हैं.
उन्होंने आगे कहा, “हमारी (कांग्रेस की) Government गारंटी और विकास दोनों को समान प्राथमिकता दे रही है. हर साल गारंटी योजनाओं पर लगभग 50,000 करोड़ रुपए खर्च किए जाते हैं और अब तक 1.22 लाख करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं.”
उन्होंने आरोप लगाया कि कर्नाटक में चार साल सत्ता में रहने के बावजूद भाजपा ने बागलकोट में एक मेडिकल कॉलेज की स्थापना नहीं की और पार्टी पर समुदायों के बीच विभाजन पैदा करने की कोशिश करने का आरोप लगाया.
सिद्धारमैया ने कहा कि पिछली भाजपा Government ने ऊपरी कृष्णा परियोजना के तहत मुआवजा देने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई, जिससे किसानों को अपनी जमीन देने से हतोत्साहित किया गया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस Government ने अब मुआवजे का भुगतान एक ही किस्त में करने का फैसला किया है.
उन्होंने कहा, “यूकेपी के तीसरे चरण के तहत भूमि मुआवजे के लिए वर्तमान राज्य बजट में धनराशि आवंटित की गई है और बाद में अतिरिक्त धनराशि की भी व्यवस्था की जाएगी.”
उन्होंने कहा कि स्वेच्छा से जमीन देने वाले किसानों को सिंचित भूमि के लिए 40 लाख रुपए प्रति एकड़ और शुष्क भूमि के लिए 30 लाख रुपए प्रति एकड़ मिलेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा इस योजना के बारे में गलत जानकारी फैला रही है.
Chief Minister ने कहा कि यूकेपी परियोजना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले आठ गांवों में 900 एकड़ भूमि के मुआवजे के रूप में 446 करोड़ रुपए वितरित किए जा रहे हैं. उन्होंने दोहराया कि कर्नाटक Government हमेशा अपने वादे पूरे करती है.
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बार-बार अनुरोध करने के बावजूद केंद्र Government ने राज्य में कई सिंचाई परियोजनाओं के लिए आवश्यक अनुमोदन प्रदान नहीं किए हैं, जिनमें ऊपरी कृष्णा परियोजना और महादयी परियोजना शामिल हैं. उन्होंने कहा, “हमारी (कांग्रेस की) Government उत्तरी कर्नाटक के लोगों को न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है. हम इस क्षेत्र में क्षेत्रीय असंतुलन को दूर करने के लिए प्रतिबद्ध हैं.”
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डीकेपी/