
New Delhi, 22 जून . वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने Monday को वर्ल्ड बैंक के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर नीलकंठ मिश्रा, एनपीसीआई के एमडी और सीईओ दिलीप असबे के साथ कमोडिटी एंड कैपिटल मार्केट पार्टिसिपेट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीपीएआई) के प्रतिनिधियों से मुलाकात की.
निर्मला सीतारमण ऑफिस की ओर से social media प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर इन मीटिंग की जानकारी दी गई. यह सभी मुलाकात अलग-अलग हुई हैं.
कमोडिटी एंड कैपिटल मार्केट पार्टिसिपेट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीपीएआई) के प्रतिनिधियों से वित्त मंत्री ने ऐसे समय पर मुलाकात की है, जब बाजार में विदेशी निवेशकों की बिकवाली चिंता का विषय बनी हुई है और Government विदेशी निवेश आकर्षित करने के लिए लगातार कम उठा रही है.
ताजा कदमों में विदेशी निवेशकों के लिए आरबीआई की ओर से इस महीने की शुरुआत में Governmentी प्रतिभूतियों में रिटर्न से होने वाली कमाई को टैक्स छूट के दायरे में लाना है. इससे एक तरफ तो देश में विदेशी निवेश बढ़ेगा. वहीं, दूसरी तरफ वैश्विक अस्थिरता के बीच डॉलर के मुकाबले रुपए में भी स्थिरता आएगी.
जून के मध्य में वित्त मंत्री ने एक कार्यक्रम में कहा था कि Government देश में अधिक विदेशी पूंजी आकर्षित करने के लिए आगे भी कई कदम उठाएगी और बॉन्ड मार्केट के लिए हाल में घोषित उपाय इस दिशा में सिर्फ शुरुआत हैं.
सीतारमण ने आगे कहा, “हम मानते हैं कि देश में और अधिक विदेशी पूंजी आने की जरूरत है. लेकिन भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों और बैंकों को विदेश से धन जुटाने की अनुमति देना इस कहानी का अंत नहीं है. हम आगे भी और कदम उठाएंगे.”
उन्होंने कहा कि Government विदेशी निवेश बढ़ाने की आवश्यकता को समझती है और आरबीआई के साथ मिलकर यह सुनिश्चित करने पर काम कर रही है, जिससे बाजारों को आवश्यक निवेश मिलता रहे.
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एबीएस