
चंडीगढ़, 8 जुलाई . Haryana के Chief Minister नायब सिंह सैनी ने Wednesday को राज्य में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की घोषणा की. उन्होंने कहा कि राज्य के हर जिले में ‘प्रकृति श्री अन्न प्रेरक किसान कमेटियां’ बनाई जाएंगी.
उन्होंने कहा, “इन कमेटियों की मुख्य जिम्मेदारी किसानों तक पहुंचना, उनके खेतों का दौरा करना और उन्हें प्राकृतिक खेती से जोड़ने के लिए Government के साथ तालमेल बिठाना होगा. असल में, वे प्राकृतिक खेती के एंबेसडर (दूत) के तौर पर काम करेंगे.”
Chief Minister पंचकूला के पास कृषि और किसान कल्याण विभाग द्वारा आयोजित ‘प्राकृतिक खेती संवाद’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. सीएम ने कार्यक्रम के दौरान किसानों से बातचीत की और उन्हें भरोसा दिलाया कि उनसे मिले सुझावों पर जल्द से जल्द अमल किया जाएगा.
उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे उन किसानों को सब्सिडी जारी करें जो प्राकृतिक खेती कर रहे हैं और जिन्होंने गाय खरीदने के लिए मदद के लिए आवेदन किया है.
Chief Minister सैनी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि प्राकृतिक खेती सिर्फ खेती का एक तरीका नहीं है, बल्कि किसानों, प्रकृति और समाज के बीच उस रिश्ते को फिर से मजबूत करने का एक अभियान है जो समय के साथ कमजोर हो गया है.
उन्होंने कहा कि यह धरती माता की सेवा करने, खेती की लागत कम करने, पानी और मिट्टी को बचाने और आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करने का एक जरिया है.
किसानों से प्राकृतिक खेती के एंबेसडर बनने का आह्वान करते हुए Chief Minister सैनी ने कहा कि अब सिर्फ चर्चा करने का नहीं, बल्कि काम करने और दूसरों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित करने का समय आ गया है.
सीएम ने कहा कि राज्य Government समय-समय पर किसानों से सीधे बातचीत करेगी और प्राकृतिक खेती के अभियान को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास करती रहेगी.
उन्होंने अधिकारियों को हर महीने इसी तरह के प्राकृतिक खेती संवाद कार्यक्रम आयोजित करने का निर्देश दिया.
उन्होंने कहा कि Gujarat के Governor आचार्य देवव्रत को भी बड़े सेमिनार में आमंत्रित किया जाएगा ताकि किसान उनके समृद्ध अनुभव का लाभ उठा सकें. यह ‘संवाद’ न केवल प्राकृतिक खेती की तकनीकें सीखने का मौका है, बल्कि किसानों और प्रकृति के बीच सदियों पुराने, अटूट रिश्ते को फिर से जीवित करने का अभियान भी है.
Chief Minister ने कहा कि Prime Minister Narendra Modi का स्पष्ट विजन है कि प्राकृतिक खेती 21वीं सदी की जरूरत है.
उन्होंने कहा, “यह खेती का सिर्फ एक नया तरीका नहीं है, बल्कि धरती को बचाने का एक अभियान है. यह किसानों की खेती की लागत कम करने, पर्यावरण की रक्षा करने और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक समृद्ध ‘विकसित भारत’ बनाने का जरिया है. भारतीय संस्कृति में धरती को मां माना जाता है और उसकी सेवा करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है.”
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एएसएच/डीकेपी