झारखंड पेपर लीक मामले में सरकार संवेदनशील, भाजपा को राजनीति का मौका नहीं मिल रहा: सुखदेव भगत

New Delhi, 8 अगस्त . Jharkhand में जेपीएससी और जेएसएससी पेपर लीक के खिलाफ चल रहे छात्रों के विरोध प्रदर्शन पर कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि Government इसको लेकर संवेदनशील है. मामले में निष्पक्ष तरीके से जांच चल रही है. Friday शाम छात्रों से हुई वार्ता भी सकारात्मक रही. हालांकि भाजपा निराश है, क्योंकि उसे अब इस मुद्दे पर राजनीति करने को नहीं मिल रही है.

Friday शाम को Government और छात्रों के बीच हुई पहली औपचारिक वार्ता को लेकर सुखदेव भगत ने कहा कि अनशन पर बैठे छात्रों ने भी अपनी सहमति जताई है और बातचीत के दौरान कई सकारात्मक बातें सामने आई हैं.

उन्होंने Chief Minister हेमंत सोरेन के पुराने बयान का जिक्र करते हुए कहा कि Chief Minister ने स्पष्ट तौर पर कहा था कि अगर जांच की आंच Chief Minister आवास तक भी पहुंचती है, तो वे पीछे नहीं हटेंगे. इसी का उदाहरण यह है कि Jharkhand मुक्ति मोर्चा के नेता और प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य की पत्नी अजीता भट्टाचार्य को भी जांच एजेंसी की ओर से समन जारी किया गया है. इस मामले से जुड़े अन्य लोगों को भी पूछताछ के लिए बुलाया जा रहा है.

उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष को इस बात से निराशा हो रही है कि उसे इस मामले में राजनीति करने का मौका नहीं मिल रहा है.

पेपर लीक मामले में सीबीआई जांच की मांग को लेकर भी सुखदेव भगत ने सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि जिस तरह लगातार सीबीआई जांच की मांग की जा रही है, उस पर यह भी देखना चाहिए कि पहले जिन मामलों में सीबीआई जांच की बात हुई, उनका नतीजा क्या रहा.

उन्होंने दावा किया कि मौजूदा सीआईडी जांच पूरी गंभीरता के साथ आगे बढ़ रही है और कई लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है. जांच अभी जारी है और एजेंसी को अपना काम पूरा करने का मौका दिया जाना चाहिए.

कांग्रेस सांसद ने कहा कि राहुल गांधी लंबे समय से परीक्षा व्यवस्था में बदलाव और पेपर लीक जैसी समस्याओं को लेकर आवाज उठाते रहे हैं. एनटीए समेत विभिन्न परीक्षा व्यवस्थाओं में खामियों के कारण करोड़ों युवाओं का भविष्य प्रभावित होता है. ऐसे में राहुल गांधी का उद्देश्य किसी Political फायदे या नुकसान को देखना नहीं, बल्कि व्यवस्था में सुधार की मांग करना है. उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में छात्रों को राहुल गांधी से उम्मीद है और वे उनकी आवाज को आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं.

सुखदेव भगत ने संसद के मानसून सत्र के दौरान Prime Minister Narendra Modi और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की सदन में गैरमौजूदगी को लेकर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के सर्वोच्च मंदिर यानी संसद में Prime Minister और गृहमंत्री की मौजूदगी जरूरी है. अगर Government के शीर्ष नेता संसद में मौजूद नहीं रहते, लेकिन पार्टी की बैठकों और दूसरे कार्यक्रमों में दिखाई देते हैं, तो इससे जनता के बीच गलत संदेश जाता है. उन्होंने कहा कि इस तरह का व्यवहार Prime Minister या गृह मंत्री के पद की गरिमा के अनुरूप नहीं है.

अलीगढ़ का नाम बदलने को लेकर उन्होंने कहा कि जब भाजपा Government अपनी योजनाओं और कार्यशैली में विफल होती है, तो इस प्रकार की चीजें करती है. भारतीय जनता पार्टी इसमें एक्सपर्ट है, क्योंकि वह काम तो करती नहीं है.

पीआईएम/वीसी

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