
New Delhi, 29 अप्रैल . पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने बताया कि मध्य पूर्व संघर्ष के कारण आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान के बावजूद, देश में कुकिंग गैस की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है और खुदरा वितरकों के यहां किसी भी तरह की कमी की सूचना नहीं मिली है. Tuesday को 50.8 लाख से अधिक घरेलू एलपीजी सिलेंडर और 73,000 से अधिक छोटे 5 किलो एलपीजी सिलेंडर वितरित किए गए.
मंत्रालय के एक बयान में कहा गया है कि ऑनलाइन घरेलू एलपीजी सिलेंडर बुकिंग में 99 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि वितरक स्तर पर हेराफेरी को रोकने के लिए उपभोक्ता के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर प्रमाणीकरण कोड आधारित डिलीवरी में लगभग 94 प्रतिशत की वृद्धि हुई है.
अप्रैल में अब तक सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों द्वारा ऑटो एलपीजी की औसत बिक्री 353 मीट्रिक टन प्रतिदिन रही है, जबकि जनवरी और फरवरी में यह औसत लगभग 177 मीट्रिक टन प्रतिदिन थी. यह लगभग 100 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है.
Tuesday को 8,838 मीट्रिक टन से अधिक कमर्शियल एलपीजी (4.65 लाख से अधिक 19-किलो सिलेंडरों के बराबर) की बिक्री हुई. इसके साथ ही अप्रैल में कमर्शियल एलपीजी की कुल बिक्री 1,84,043 मीट्रिक टन (96.86 लाख से अधिक 19-किलो एलपीजी सिलेंडरों के बराबर) हो गई है.
पेट्रोल और डीजल के खुदरा मूल्य अपरिवर्तित हैं और देश के सभी पेट्रोल पंपों पर इन दोनों ईंधनों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है.
इस बीच, एलपीजी की जमाखोरी और कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए देशभर में प्रवर्तन अभियान जारी हैं. Tuesday को देशभर में 2200 से अधिक छापे मारे गए.
सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने अचानक निरीक्षण तेज कर दिए हैं और 325 एलपीजी वितरकों पर जुर्माना लगाया है, जबकि अब तक 72 एलपीजी वितरकों को निलंबित किया जा चुका है.
Tuesday को 54 एलपीजी वितरकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए और नौ वितरकों पर जुर्माना लगाया गया.
खाना पकाने की गैस की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है, और खुदरा वितरकों में कहीं भी गैस की कमी की सूचना नहीं मिली है.
Tuesday तक वेबसाइट के माध्यम से 42,950 से अधिक पीएनजी उपभोक्ताओं ने अपने एलपीजी कनेक्शन सरेंडर कर दिए हैं, जिससे एलपीजी की मांग पर कुछ हद तक दबाव कम होगा.
मंत्रालय ने आगे कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने के मद्देनजर, वह पूरे देश में पेट्रोलियम उत्पादों और एलपीजी की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कदम उठा रहा है.
नागरिकों को पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की घबराहट में खरीदारी न करने और अफवाहों से सावधान रहने की सलाह दी जाती है. सही जानकारी के लिए आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें. एलपीजी उपभोक्ताओं से अनुरोध है कि वे डिजिटल बुकिंग प्लेटफॉर्म का उपयोग करें और वितरकों के पास जाने से बचें.
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एमएस/