
भुवनेश्वर, 29 अप्रैल . भारतीय जनता पार्टी की सांसद अपराजिता सारंगी की अध्यक्षता में गठित संयुक्त संसदीय समिति ने Wednesday को Odisha Government के वरिष्ठ अधिकारियों और विभिन्न संगठनों के साथ तीन महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा की. इनमें संविधान (130वां संशोधन) विधेयक, 2025; जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2025; और केंद्र शासित प्रदेश Government (संशोधन) विधेयक, 2025 शामिल हैं.
विधायकों के बारे में मीडियाकर्मियों को जानकारी देते हुए सारंगी ने कहा कि संयुक्त संसदीय समिति राजनीति को अपराधमुक्त करने और संवैधानिक नैतिकता को मजबूत करने के उद्देश्य से लाए गए प्रमुख विधायी प्रस्तावों पर देश भर के हितधारकों से सक्रिय रूप से परामर्श कर रही है.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा 20 अगस्त, 2025 को Lok Sabha में पेश किए गए तीन विधेयकों का जिक्र करते हुए सारंगी ने कहा कि प्रस्तावित कानून संवेदनशील और दूरगामी प्रकृति के हैं और इनका उद्देश्य Political व्यवस्था को स्वच्छ बनाना है.
उन्होंने कहा कि इन विधेयकों का मूल उद्देश्य संवैधानिक नैतिकता की रक्षा करना और हमारे लोकतंत्र को स्वच्छ, अधिक पारदर्शी और अपराध मुक्त बनाना है.
सारंगी ने बताया कि Lok Sabha में व्यवधान के बाद, नवंबर 2025 में इन विधेयकों को एक संयुक्त संसदीय समिति को भेजा गया था.
समिति ने 4 दिसंबर, 2025 को अपनी पहली बैठक की और तब से राज्य Governmentों, संस्थानों और विशेषज्ञों सहित हितधारकों के साथ व्यापक विचार-विमर्श कर रही है.
उन्होंने कहा कि हमने कई राज्यों का दौरा किया है और हितधारकों को दिल्ली में भी आमंत्रित किया है. अब तक, हमने Odisha, Maharashtra और अन्य राज्यों की Governmentों के साथ-साथ कई संस्थानों से भी बातचीत की है.
उन्होंने आगे कहा कि यद्यपि कुछ प्रावधानों पर मतभेद हैं, विधेयकों के मूल उद्देश्य पर व्यापक सहमति है, और किसी ने भी कानून की भावना पर सवाल नहीं उठाया है और यह सर्वमान्य समझ है कि राजनीति को अपराध की श्रेणी से बाहर किया जाना चाहिए.
एक महत्वपूर्ण प्रावधान पर प्रकाश डालते हुए सारंगी ने कहा कि विधेयकों में प्रस्ताव है कि यदि कोई मंत्री, Chief Minister या यहां तक कि Prime Minister भी एक निर्धारित अवधि से अधिक समय तक हिरासत में रहता है, तो उसे पद छोड़ना होगा.
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एमएस/