
सूरत, 11 मई . विदेशी मुद्रा को बचाने के लिए Prime Minister Narendra Modi की गैर-जरूरी सोना न खरीदने की अपील का समर्थन करते हुए इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के Gujarat अध्यक्ष नैनेश पच्चीगर ने Monday को कहा कि सोना केवल उपभोग के लिए नहीं है, बल्कि यह देश की संस्कृति, बचत, सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण का भी एक महत्वपूर्ण आधार है.
उन्होंने आगे कहा कि पीएम मोदी की इस अपील से महत्वपूर्ण विदेशी मुद्रा की बचत करने में मदद मिलेगा.
पच्चीगर ने कहा कि इस उद्योग से लाखों छोटे कारीगर जुड़े हुए हैं और इस वजह से Government को पुरानी गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम को दोबारा से शुरू करना चाहिए. इससे बाजार में पुराना सोना लाने में मदद मिलेगी और उसकी रिसाइकिलिंग बढ़ेगी. इससे छोटे और मझोले कारीगरों को लगातार काम मिलता रहेगा. इससे विदेशी मुद्रा को देश से बाहर जाने से रोकने के Government के लक्ष्य को भी मजबूती मिलेगी.
पच्चीगर ने आगे कहा कि Prime Minister की अपील का पालन करते हुए विदेशी मुद्रा की बचत भी हो और साथ ही आभूषण क्षेत्र से जुड़े करोड़ों कारीगरों की आर्थिक व्यवस्था पर भी कोई आंच न आए. इसके लिए एसोसिएशन जल्द ही Government के समक्ष एक सुझाव पत्र भी पेश करेगी.
दूसरी तरफ, जेसीबीएल ग्रुप की निदेशक सीए रेणु अरोड़ा ने पीएम मोदी का समर्थन करते हुए कहा कि सोने और कच्चे तेल के हम पूरी तरह से विदेशों पर निर्भर हैं, जब भी हम विदेशों से सोना और कच्चा तेल खरीदते हैं तो हमारे रुपए पर दबाव बढ़ता और इसकी वैल्यू कम होती है. इससे अर्थव्यवस्था प्रभावित होती है.
उन्होंने आगे कहा कि सोने और कच्चे तेल की खपत होगी, तो वैश्विक झटकों का सामना करने में देश को मदद मिलेगीेगी.
Sunday को सिकंदराबाद में रैली को संबोधित करते हुए Prime Minister मोदी ने नागरिकों से अगले एक वर्ष तक गैर-जरूरी सोने की खरीदारी से बचने की अपील की थी, जिससे India के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम हो सके.
उन्होंने कहा, “वर्तमान परिस्थितियों में, विदेशी मुद्रा बचाना देश के लिए महत्वपूर्ण हो गया है.”
आयातित ईंधन पर India की निर्भरता का जिक्र करते हुए, Prime Minister मोदी ने ईंधन की बचत, अनावश्यक खर्चों में कटौती और India में बनने वाली चीजों की खपत को प्राथमिकता देने जैसे उपायों को आवश्यक बताया.
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एबीएस/