ऑपरेशन सिंदूर स्मारक दौड़ : 88 घंटे दौड़े वायुसेना व आर्मी के जांबाज

New Delhi, 11 मई . भारतीय सेनाओं ने बीते वर्ष Pakistan और Pakistan के कब्जे वाले कश्मीर में मौजूद आतंकवादी ठिकानों को नष्ट किया था. ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय सेनाओं का यह ऑपरेशन लगभग 88 घंटे तक चला था. इसकी रणनीति और सैन्य प्रभाव बेहद व्यापक रहे.

ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर अब New Delhi में भारतीय वायु सेना ने 7 मई से 10 मई तक ‘ऑपरेशन सिंदूर- 88 घंटे स्मारक दौड़’ का आयोजन किया. यह विशेष आयोजन भारतीय वायु सेना द्वारा किए गए 88 घंटे के सफल हवाई अभियानों की पहली वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया.

रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, इन अभियानों ने सटीक और निर्णायक प्रहार करने की भारतीय वायु सेना की क्षमता को प्रदर्शित किया था. इस 88 घंटे लंबी निरंतर रिले दौड़ में भारतीय वायु सेना, भारतीय सेना और नागरिक स्वयंसेवकों सहित कुल 600 धावक शामिल हुए. इसमें भारतीय वायु सेना की विभिन्न कमानों से आए जवानों और अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया.

नागरिक स्वयंसेवकों की सक्रिय भागीदारी ने भी इस आयोजन को और अधिक प्रेरणादायक बना दिया. दौड़ की शुरुआत 7 मई 2026 को रात 1 बजकर 5 मिनट बजे इंडिया गेट से हुई. गौरतलब है कि बीते वर्ष लगभग इसी समय आतंकवादियों के ठिकानों पर हमले किए गए थे. प्रशासन प्रभारी वायु अधिकारी ने हरी झंडी दिखाकर इस आयोजन का शुभारंभ किया. वहीं 10 मई 2026 को शाम 5 बजे New Delhi स्थित वायु सेना स्टेशन पर वायु सेना प्रमुख, एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने धावकों का स्वागत किया. यहीं धावकों का स्वागत करते हुए आयोजन का समापन भी किया गया.

दौड़ का मार्ग दिल्ली के कई प्रमुख स्थलों से होकर गुजरा. इसमें इंडिया गेट, ब्रिगेडियर होशियार सिंह मार्ग, वायु भवन, नेहरू पार्क और न्यू मोती बाग मार्ग शामिल रहे. पूरे आयोजन के दौरान नागरिक प्रशासन ने भी महत्वपूर्ण सहयोग दिया, जिससे यह विशाल कार्यक्रम सुचारू रूप से संपन्न हो सका. भारतीय वायु सेना के अनुसार इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य वायु सेना कर्मियों के बीच एकजुटता और टीम भावना को मजबूत करना था. साथ ही आम नागरिकों के बीच भारतीय सशस्त्र बलों के प्रति जागरूकता और विश्वास बढ़ाना भी इसका प्रमुख लक्ष्य रहा.

इस अवसर पर 10 मई की सुबह नेहरू पार्क में भारतीय वायु सेना के जैज बैंड ने लाइव प्रस्तुति भी दी. सुबह 6 बजकर 30 मिनिट से 8 बजे तक चली इस प्रस्तुति ने उपस्थित लोगों में देशभक्ति और से ओतप्रोत उत्साह भरा व वातावरण को ऊर्जावान बना दिया. इस अवसर पर भारतीय वायु सेना ने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर- 88 घंटे स्मारक दौड़’ केवल एक सैन्य उपलब्धि को याद करने का कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह सेना और नागरिक समाज के बीच मजबूत सहभागिता, अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रीय गौरव का भी प्रतीक बना.

जीसीबी/एएस

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