‘जनता के गुस्से की झलक…’ राहुल गांधी के विवादित बयान के समर्थन में उतरी कांग्रेस

New Delhi, 20 मई . Lok Sabha में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के एक बयान ने देश की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया. उत्तर प्रदेश के रायबरेली में आयोजित एक जनसभा के दौरान राहुल गांधी ने Prime Minister और केंद्रीय गृह मंत्री पर विवादित बयान दे दिया. उनके इस बयान के बाद जहां भाजपा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला, वहीं कांग्रेस ने राहुल गांधी के बयान का बचाव करते हुए कहा कि यह देश की जनता के गुस्से और निराशा की झलक है.

रायबरेली से सांसद राहुल गांधी ने सभा को संबोधित करते हुए भाजपा और आरएसएस पर देश के हितों के खिलाफ काम करने और संविधान पर हमला करने का आरोप लगाया. इसी दौरान राहुल गांधी ने Prime Minister, केंद्रीय गृह मंत्री और आरएसएस को लेकर विवादित बयान दे दिया.

राहुल गांधी के इस बयान के बाद सियासी बहस तेज हो गई. कांग्रेस ने अपने नेता का बचाव किया और कहा कि राहुल गांधी ने वही कहा है, जो देश की जनता महसूस कर रही है.

New Delhi में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि देश के हर वर्ग में चिंता और नाराजगी का माहौल है. देश में हर तबके के लोगों के भीतर बेचैनी है. खासकर जिन्होंने इस Government को वोट दिया, उनमें खुद को ठगा हुआ महसूस करने की भावना है. लोगों के अंदर निराशा, दुख और गुस्सा है. एक जिम्मेदार विपक्ष होने के नाते हमारा कर्तव्य है कि हम उस गुस्से को आवाज दें. राहुल गांधी ने जो कहा, वह उससे भी कम है जो हमें सड़कों पर सुनने को मिलता है.

पवन खेड़ा ने दावा किया कि जनता का गुस्सा राहुल गांधी के शब्दों से भी ज्यादा तीखा है.

उन्होंने कहा, “अगर आप सड़क पर लोगों से Government के बारे में पूछेंगे और बिना कुछ एडिट किए उनकी बातें सुनेंगे, तो आपको एहसास होगा कि सच्चाई राहुल गांधी के बयान से कहीं ज्यादा कड़वी है. और राजा में इतनी क्षमता होनी चाहिए कि वह कड़वी बातें सुन सके.”

हालांकि, कांग्रेस की सहयोगी Samajwadi Party ने राहुल गांधी के बयान से दूरी बना ली. Samajwadi Party के सांसद अवधेश प्रसाद ने से बातचीत में कहा, “यह उनकी विचारधारा है. हम इस तरह की भाषा का इस्तेमाल नहीं कर सकते.”

वीकेयू/एबीएम

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