
Mumbai , 17 अगस्त . Maharashtra में जिन ऑटो-रिक्शा और टैक्सी ड्राइवरों को मराठी भाषा का कामकाजी ज्ञान नहीं है, उनके खिलाफ अब सीधे कार्रवाई की जाएगी, जिसमें उनका लाइसेंस सस्पेंड या रद्द भी किया जा सकता है.
Maharashtra के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने Monday को पुष्टि की कि गैर-मराठी ड्राइवरों को भाषा की बुनियादी जानकारी हासिल करने के लिए दी गई 105 दिनों की समय-सीमा आधिकारिक तौर पर 15 अगस्त को खत्म हो गई है.
इस नियम के बारे में पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए, मंत्री सरनाइक ने बताया कि हालांकि मराठी में ड्राइवर की दक्षता के लिए 1989 से ही कानून मौजूद था, लेकिन इसे शायद ही लागू किया गया.
उन्होंने कहा, “मैंने कड़ा रुख अपनाया कि राज्य में गाड़ी चलाने वाले ड्राइवरों को मराठी का कामकाजी ज्ञान होना चाहिए.”
ऑटो और टैक्सी यूनियनों के शुरुआती विरोध पर बात करते हुए, मंत्री ने बताया कि Government का पक्ष समझाने के लिए हाजी अराफात शेख, संजय निरुपम, कृपाशंकर सिंह और शशांक राव जैसे प्रमुख यूनियन नेताओं और राजनेताओं के साथ बातचीत की गई.
यूनियनों की ओर से गैर-मराठी ड्राइवरों को तैयारी के लिए पर्याप्त समय देने की मांग के बाद, 1 मई से 15 अगस्त तक का समय (105 दिन) तय किया गया.
मंत्री ने कहा कि परिवहन विभाग ने कोंकण मराठी साहित्य परिषद और Mumbai मराठी साहित्य संघ जैसे साहित्यिक संगठनों के साथ मिलकर ड्राइवरों के लिए खासतौर पर सीखने की सामग्री तैयार की.
उन्होंने कहा कि उजागरे, लीना मेहेंदले और प्रवीण दवणे जैसी साहित्यिक हस्तियों और विशेषज्ञों ने चार पेज की एक जरूरी पुस्तिका तैयार की, जिसमें रोजमर्रा के परिवहन कार्यों में आमतौर पर इस्तेमाल होने वाले 18 से 20 मुख्य वाक्य शामिल थे. परिवहन विभाग के पास भाषा प्रशिक्षण के लिए कोई खास बजट नहीं था, इसलिए मराठी भाषा विभाग ने इस पहल को आगे बढ़ाने के लिए Mumbai मराठी साहित्य संघ को 1 करोड़ रुपए का अनुदान दिया.
उन्होंने आगे बताया कि राज्य भर में 160 चालू शाखाओं और 1,600 प्रशिक्षकों के नेटवर्क के जरिए 11 लाख से ज्यादा ड्राइवरों को प्रशिक्षण दिया गया. जो ड्राइवर यह प्रोग्राम पूरा करेंगे, उन्हें क्यूआर कोड-वेरिफाइड सर्टिफिकेट मिलेंगे.
जांच के दौरान जिन ड्राइवरों में बुनियादी मराठी कौशल की कमी पाई जाएगी, उनके लिए मंत्री ने कहा कि विभाग एक व्यवस्थित जुर्माना प्रणाली लागू करेगा.
उन्होंने बताया, “ड्राइवर को भाषा सीखने के लिए एक महीने की मोहलत देते हुए नोटिस दिया जाएगा. अगर इस समय के भीतर दक्षता साबित हो जाती है, तो लाइसेंस बना रहेगा. एक महीने के नोटिस पीरियड में मराठी न सीख पाने पर लाइसेंस तीन महीने के लिए सस्पेंड कर दिया जाएगा.”
मंत्री ने बताया कि सस्पेंशन पीरियड के बाद भी नियमों का पालन न करने पर लाइसेंस हमेशा के लिए रद्द कर दिया जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि लाइसेंस के रूटीन रिन्यूअल के दौरान भाषा की जांच भी अनिवार्य होगी. भले ही कुछ Political हस्तियों ने इस मुद्दे का फायदा उठाने या मुहिम को रोकने की कोशिश की हो, लेकिन राज्य Government का रुख नहीं बदला है.
मंत्री ने पुष्टि की, “तय योजना के अनुसार 18 अगस्त से कार्रवाई शुरू हो जाएगी और हम पीछे नहीं हटेंगे.”
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डीकेएम/एबीएम