
रांची, 12 मार्च . असम में विधानसभा चुनाव की आहट के बीच Jharkhand के Chief Minister और Jharkhand मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के अध्यक्ष हेमंत सोरेन की सक्रियता ने पूर्वोत्तर की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है.
इसी क्रम में Thursday को रांची स्थित Chief Minister आवास में असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और Lok Sabha सांसद गौरव गोगोई ने उनसे मुलाकात की. इस बैठक को असम चुनाव के संदर्भ में विपक्षी दलों के संभावित तालमेल और रणनीतिक समन्वय की दिशा में अहम माना जा रहा है.
बैठक में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव और पूर्व Union Minister भंवर जितेंद्र सिंह तथा Jharkhand प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी के. राजू भी मौजूद थे. आधिकारिक तौर पर इसे शिष्टाचार मुलाकात बताया गया, लेकिन Political हलकों में इसे असम चुनाव को लेकर विपक्षी रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
सूत्रों के अनुसार बैठक में आगामी असम विधानसभा चुनाव, Jharkhand में चल रही विभिन्न विकास योजनाओं के क्रियान्वयन और समसामयिक Political मुद्दों पर चर्चा हुई. इसके साथ ही असम में झामुमो और कांग्रेस के बीच संभावित सीट बंटवारे और चुनावी तालमेल को लेकर भी प्रारंभिक बातचीत की चर्चा है.
दरअसल, पिछले लगभग डेढ़ महीने के भीतर Chief Minister हेमंत सोरेन ने असम में दो बड़ी जनसभाओं को संबोधित किया है. फरवरी में तिनसुकिया जिले में आयोजित आदिवासी महासभा की रैली और इसके बाद विश्वनाथ जिले में हुई सभा में उमड़ी भीड़ ने वहां की राजनीति में एक नए समीकरण की संभावनाओं को बल दिया है.
इन सभाओं में उन्होंने खास तौर पर चाय बागानों में काम करने वाले आदिवासी समुदाय की पहचान, सम्मान और अधिकारों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया. झामुमो का मानना है कि असम में Jharkhand, Odisha और पश्चिम बंगाल से जाकर बसे लाखों आदिवासी समुदाय Political रूप से एक महत्वपूर्ण शक्ति हैं, जिनकी आवाज अभी तक मुख्यधारा की राजनीति में अपेक्षित रूप से नहीं उठाई गई है. इसी सामाजिक आधार पर पार्टी वहां अपनी Political जमीन तलाशने की कोशिश कर रही है.
झामुमो के महासचिव और राज्य Government के मंत्री सुदिव्य कुमार का कहना है कि पार्टी का लक्ष्य देश के लगभग 12 करोड़ आदिवासियों की मजबूत आवाज बनना है. उनके अनुसार असम में मिल रहे जनसमर्थन से यह संकेत मिलता है कि वहां के आदिवासी समाज में Political प्रतिनिधित्व को लेकर नई उम्मीदें पैदा हो रही हैं. इस बीच रांची पहुंचने पर मीडिया से बातचीत में गौरव गोगोई ने बताया कि कांग्रेस नेतृत्व ने असम विधानसभा चुनाव के लिए Jharkhand कांग्रेस नेता बंधु तिर्की को वरीय पर्यवेक्षक बनाया है.
उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर भाजपा को चुनौती देने की रणनीति तैयार की जा रही है और इसी सिलसिले में Jharkhand के नेताओं के साथ भी विचार-विमर्श किया जा रहा है. बहरहाल, रांची में कांग्रेस नेताओं और हेमंत सोरेन की यह मुलाकात केवल औपचारिक शिष्टाचार से आगे बढ़कर असम चुनाव की संभावित रणनीति के एक महत्वपूर्ण संकेत के रूप में देखी जा रही है.
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एसएनसी/डीके