
पुणे, 15 मई . केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इंदापुर में संत तुकाराम महाराज पालखी मार्ग (राष्ट्रीय राजमार्ग-965 जी) का निरीक्षण किया. Maharashtra के कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे, विधायक राहुल कोल्हे, पूर्व विधायक हर्षवर्द्धन पाटिल और अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ उन्होंने बस से पूरा स्ट्रेच देखा और निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लिया.
नितिन गडकरी ने से बात करते हुए बताया कि परियोजना का करीब 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है. उन्होंने इसे मात्र सड़क न बताते हुए ‘ग्रीन हाईवे’ की संज्ञा दी. गडकरी ने कहा, “भगवान विट्ठल हमारे Maharashtra के आराध्य देव हैं. संत ज्ञानेश्वर महाराज और संत तुकाराम महाराज हमारी सांस्कृतिक प्रेरणा हैं. यह एक रोड नहीं, बल्कि आस्था का मार्ग है. इसी कारण हम इसे स्वाभाविक रूप से ग्रीन हाईवे बना रहे हैं ताकि यात्रियों को कोई तकलीफ न हो और वे आनंदपूर्वक पंढरपुर पहुंचें.”
उन्होंने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा, “संत तुकाराम महाराज पालखी मार्ग का निरीक्षण. हर साल विट्ठल भक्ति में लाखों वारकरी पंढरपुर यात्रा पर निकलते हैं. उनकी तीर्थयात्रा को आरामदायक बनाने के लिए यह पुनर्विकास किया जा रहा है.”
उन्होंने बताया, “संत तुकाराम महाराज पालखी मार्ग देहू से पंढरपुर तक 130 किलोमीटर लंबा है, जो पुणे और सोलापुर जिलों को जोड़ता है. कुल 4,416 करोड़ रुपए की लागत वाली इस परियोजना को तीन पैकेजों में विभाजित किया गया है. पटस-बारामती खंड पूरा हो चुका है, जबकि बारामती-इंदापुर खंड 84 प्रतिशत और इंदापुर-टोंडाले खंड 96 प्रतिशत पूरा हो चुका है. शेष कार्य तेजी से चल रहा है. दिसंबर तक इसे पूरा होने की संभावना है.”
गडकरी ने बताया, “यह मार्ग बारामती, भिगवन, अकलूज और शिरपुर जैसे क्षेत्रों को बाईपास करते हुए तेज और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करेगा. पैदल यात्रा करने वाले वारकरियों के लिए अलग पैदल मार्ग, आधुनिक पुल, अंडरपास और बाईपास की व्यवस्था की गई है. संत ज्ञानेश्वर महाराज पालखी मार्ग (एनएच-965) के साथ इस परियोजना से लाखों श्रद्धालुओं की आषाढ़ी और कार्तिकी वारी अब और अधिक सुगम हो जाएगी.”
उन्होंने कहा, “यह परियोजना पर्यावरण संरक्षण का अनुपम उदाहरण है. सड़क निर्माण के दौरान आए 400 से अधिक पेड़ों को सफलतापूर्वक ट्रांसप्लांट किया गया और उनकी देखभाल की जा रही है. दोनों ओर स्थानीय छायादार पेड़ लगाए गए हैं. इसके अलावा, राजमार्ग के किनारे 25 तालाबों को गहरा किया गया है, जिससे आस-पास के 25 गांवों में जल संरक्षण बढ़ेगा. वन्यजीव संरक्षण को ध्यान में रखते हुए हिंगनगांव और कनेरी क्षेत्र में अंडरपास बनाए गए हैं, ताकि जंगली जानवरों की आवाजाही सुरक्षित रहे और दुर्घटनाएं कम हों.”
नितिन गडकरी ने कहा कि परियोजना में करीब 50 प्रतिशत खर्च रोजगार सृजन पर हो रहा है. निर्माण कार्य पूरा होने के बाद होटल, ढाबा, परिवहन और पर्यटन से जुड़े अनेक छोटे उद्योग फलेंगे-फूलेंगे. लाखों-करोड़ों श्रद्धालुओं के आने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी. Maharashtra की सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करते हुए आधुनिक सुविधाओं से युक्त यह ग्रीन हाईवे आस्था और विकास का अद्भुत संगम बनेगा. स्थानीय किसान, व्यापारी और वारकरी समुदाय इस परियोजना को Maharashtra के विकास का नया अध्याय मान रहे हैं.
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एससीएच/एबीएम