
Mumbai , 15 मई . केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने Friday को समाचार एजेंसी से बातचीत में वैश्विक परिस्थितियों, ईंधन कीमतों, एविएशन सेक्टर और Prime Minister Narendra Modi की सुरक्षा को लेकर कई अहम बातें कहीं.
से बात करते हुए Union Minister पीयूष गोयल ने कहा कि मध्य पूर्व में उत्पन्न हुई परिस्थितियों के कारण कई नीतिगत बदलावों पर चर्चा चल रही है और जल्द ही इन पर अंतिम फैसला हो सकता है. उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के चलते दुनिया के कई देशों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई है, लेकिन India में इसका असर अपेक्षाकृत कम रहा है.
Union Minister ने कहा, “Prime Minister Narendra Modi के संवेदनशील नेतृत्व की वजह से केंद्र Government ने अतिरिक्त आर्थिक बोझ खुद उठाया है.” उन्होंने कहा कि Government ने उत्पाद शुल्क में 10 रुपए की कटौती की ताकि आम लोगों पर महंगाई का असर कम पड़े.
गोयल ने कहा कि उर्वरक क्षेत्र में भी Government ने किसानों को राहत देने के लिए करीब 3,000 करोड़ रुपए का अतिरिक्त खर्च किया है, लेकिन किसानों के लिए खाद की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई. उन्होंने कहा कि इसी वजह से केंद्र Government को लाखों-करोड़ों रुपए की सब्सिडी देनी पड़ रही है.
एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) पर वैट घटाने के फैसले को लेकर पीयूष गोयल ने कहा कि यह कदम नागर विमानन क्षेत्र और पर्यटन उद्योग के लिए बड़ी राहत साबित होगा. Government ने एटीएफ पर लगने वाले वैट को 18 प्रतिशत से घटाकर 7 प्रतिशत करने का फैसला लिया है.
उन्होंने कहा कि नागर विमानन क्षेत्र इस समय काफी दबाव में है और यह फैसला लंबे समय में इस सेक्टर को मजबूती देगा. साथ ही इससे पर्यटन उद्योग को भी बढ़ावा मिलेगा. गोयल ने विपक्ष शासित राज्यों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि अब बहुत कम राज्य बचे हैं और उन्हें भी इस फैसले से सीख लेनी चाहिए.
Prime Minister Narendra Modi की सुरक्षा को लेकर पूछे गए सवाल पर Union Minister ने कहा कि यह विपक्ष की मांग नहीं है, बल्कि Prime Minister ने स्वयं अपनी सुरक्षा व्यवस्था में कटौती की है.
उन्होंने कहा, “हम Prime Minister की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं. मैं आग्रह करूंगा कि उनकी सुरक्षा कम नहीं की जानी चाहिए. वह देश के Prime Minister होने के साथ-साथ विश्व के एक बड़े नेता भी हैं.”
गोयल ने कहा कि Government के सभी मंत्री और विभाग मिलकर अनावश्यक खर्चों को कम करने और विशेष रूप से पेट्रोल-डीजल जैसे ईंधनों की खपत घटाने के लिए प्रयास कर रहे हैं. साथ ही जनता से भी ईंधन बचाने और संसाधनों का जिम्मेदारी से इस्तेमाल करने की अपील की जा रही है.
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डीबीपी