बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने संकटकाल में समर्थन के लिए पीएम मोदी को धन्यवाद दिया

New Delhi, 9 दिसंबर . बांग्लादेश की पूर्व Prime Minister शेख हसीना ने Tuesday को Prime Minister Narendra Modi को उनके समर्थन के लिए धन्यवाद दिया. साथ ही, उन्होंने दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंधों की तारीफ की. उन्होंने संकट के समय उन्हें शरण देने के लिए India को धन्यवाद दिया और देश को एक महत्वपूर्ण पड़ोसी और पार्टनर बताया.

समाचार एजेंसी से ​​खास बातचीत में जब उनसे पूछा गया कि वह बांग्लादेश की मौजूदा स्थिति में Prime Minister मोदी की भूमिका को कैसे देखती हैं, तो हसीना ने कहा, “India एक महत्वपूर्ण पड़ोसी और पार्टनर है. मैं Prime Minister मोदी के समर्थन और दोनों देश के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंधों की कद्र करती हूं. व्यक्तिगत और कूटनीतिक स्तर पर, मैं खतरे के समय मुझे दी गई शरण के लिए आभारी हूं. India के साथ मजबूत द्विपक्षीय संबंध बांग्लादेश के हित में हैं और वे स्थायी क्षेत्रीय स्थिरता सुनिश्चित करने में मदद कर सकते हैं.”

पिछले साल अगस्त में जब हसीना की लोकतांत्रिक रूप से चुनी हुई Government हिंसक प्रदर्शन के बीच गिर गई, तब वह India आ गईं. हाल ही में ढाका में एक स्पेशल ट्रिब्यूनल ने उन्हें उनकी गैरमौजूदगी में मानवता के खिलाफ अपराधों के लिए मौत की सजा सुनाई. आरोप था कि हसीना प्रशासन द्वारा छात्र-नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शनों को बेरहमी से दबाया गया.

जब उनसे पूछा गया कि संकट के समय पीएम मोदी ने उनकी कैसे मदद की, तो उन्होंने कहा कि मैं निजी बातचीत और रिश्तों के बारे में बात नहीं करना चाहती. हालांकि, मैं कहूंगी कि मैं India के लोगों की लगातार मदद के लिए उनकी आभारी हूं.

ढाका द्वारा बांग्लादेश की पूर्व Prime Minister शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग के बीच, उनके बेटे साजीब वाजेद ने भी कहा कि वह Prime Minister Narendra Modi के हमेशा आभारी हैं. 20 नवंबर को से ​​बात करते हुए साजीब वाजेद ने India के समर्थन के लिए आभार जताया. उन्होंने कहा कि मैं पीएम मोदी का हमेशा आभारी रहूंगा. उन्होंने मेरी मां की सुरक्षा सुनिश्चित की और उनकी जान बचाई. वह उन्हें कड़ी सुरक्षा में भी रख रहे हैं. मैं India Government और India के लोगों का आभारी हूं.

पिछले हफ्ते, अवामी लीग के संयुक्त महासचिव बहाउद्दीन नसीम ने कहा था कि ऐतिहासिक रूप से भारत-बांग्लादेश का एक सच्चा और भरोसेमंद दोस्त रहा है.

यह याद दिलाते हुए कि India 6 दिसंबर 1971 को बांग्लादेश की आजादी को मान्यता देने वाला पहला देश बना था, उन्होंने कहा कि यह मान्यता ऐसे समय में मिली जब Pakistan की सेनाएं क्रूर नरसंहार, बलात्कार, आगजनी, लूटपाट और मानवता के खिलाफ दूसरे अपराध कर रही थीं और जब लाखों लोगों को शरणार्थी बनकर भागने पर मजबूर होना पड़ा था.

नसीम ने कहा कि India की पहचान दबे-कुचले लोगों के साथ खड़े होने का एक मजबूत उदाहरण थी. India के Political नेतृत्व, सशस्त्र बलों और आम लोगों द्वारा दिखाए गए बलिदान और दया को बंगाली राष्ट्र हमेशा गहरी कृतज्ञता के साथ याद रखेगा.

इससे पहले नवंबर में बांग्लादेश के पूर्व मंत्री और अवामी लीग के नेता मोहम्मद अली अराफात ने मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम Government की आलोचना करते हुए कहा था कि इस्लामी चरमपंथियों द्वारा समर्थित Government पार्टी के India के साथ संबंधों को कभी नहीं समझेगी.

अराफात ने एक्स पोस्ट में कहा था कि India के साथ हमारे संबंध सिर्फ 1971 पर आधारित नहीं हैं, बल्कि कई मोर्चों पर हमारे आपसी हितों पर भी आधारित हैं, जिसमें घरेलू और अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी समूहों से मिलकर लड़ना शामिल है. शेख हसीना के नेतृत्व में Government ने न सिर्फ India के साथ भूमि सीमा समझौता किया, बल्कि बहुत सम्मानजनक और रचनात्मक बातचीत के जरिए समुद्री सीमा मुद्दे को भी सुलझाया.

उन्होंने आगे कहा कि कई पड़ोसी देशों ने ऐसे मामलों पर लंबी लड़ाई लड़ी है, जबकि बांग्लादेश और India ने उन्हें शांति से सुलझाया. संचार और ऊर्जा क्षेत्रों में हमारे सहयोग से दोनों तरफ के लोगों को भी काफी फायदा हुआ है.

पीएसके/एएस

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