
Patna, 15 मार्च . बिहार के सहरसा जिले की Police ने त्वरित और समन्वित कार्रवाई का परिचय देते हुए Sunday को सतीश झा उर्फ छोटू मिश्रा की हाई-प्रोफाइल हत्या का मामला घटना के 36 घंटे के भीतर ही सुलझा लिया.
यह घटना 13 मार्च को सहरसा के सदर Police स्टेशन के अंतर्गत मीरा टॉकीज के पास घटी, जहां बाइक सवार अपराधियों ने दिनदहाड़े छोटू मिश्रा की गोली मारकर हत्या कर दी.
छोटू मिश्रा की हत्या के बाद, Police ने तकनीकी निगरानी, cctv विश्लेषण और मानव खुफिया जानकारी का उपयोग करते हुए तुरंत जांच शुरू की, जिसके परिणामस्वरूप मुख्य हमलावरों सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया.
मामले की गंभीरता को देखते हुए, जिला Police अधीक्षक (एसपी) हिमांशु कुमार के निर्देशन में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया.
cctv फुटेज और खुफिया जानकारी के आधार पर, मुख्य हमलावर रोहित कुमार उर्फ मिट्ठू को पड़ोसी जिले सुपौल से गिरफ्तार किया गया.
एक अन्य शूटर नवनीत कुमार को बिहार के समस्तीपुर जिले के विद्यापति नगर से गिरफ्तार किया गया.
उनसे पूछताछ के बाद Police ने तीन और सहयोगियों को गिरफ्तार किया, जो कथित तौर पर हत्या और हथियार छिपाने में शामिल थे.
जांच के दौरान Police ने दोनों आरोपियों के सहयोगी सौरभ कुमार मिश्रा के घर पर छापा मारा, जहां से भारी मात्रा में हथियार बरामद हुए.
जब्त की गई वस्तुओं में चार पिस्तौल, एक रिवॉल्वर, एक देसी पिस्तौल (कट्टा), दो मैगजीन, 12 जिंदा कारतूस (7.65 मिमी और 9 मिमी) और हत्या में इस्तेमाल किया गया एक चाकू शामिल है.
एसपी हिमांशु कुमार ने कहा कि हथियारों का इतना बड़ा जखीरा बरामद होने से संकेत मिलता है कि अपराधी किसी बड़ी साजिश की योजना बना रहे थे.
उन्होंने आगे कहा कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि यह हत्या लंबे समय से चली आ रही दुश्मनी का नतीजा थी.
Police रिकॉर्ड के अनुसार, करण टाइगर की हत्या अगस्त 2019 में हुई थी और उस मामले में छोटू मिश्रा मुख्य आरोपी था.
जांचकर्ताओं का मानना है कि यह ताजा हत्या करण टाइगर की हत्या के प्रतिशोध में की गई थी.
Police ने सहरसा के सदर Police स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता और शस्त्र अधिनियम की धाराओं के तहत First Information Report दर्ज की है.
–
एमएस/