भारत की नींव को कमजोर कर रही जातिवाद की राजनीतिः सीएम योगी

चित्तौड़गढ़, 15 मार्च . उत्तर प्रदेश के Chief Minister योगी आदित्यनाथ ने जातिवाद फैलाने वालों को चित्तौड़गढ़ की धरती से दो टूक संदेश दिया. उन्होंने रामधारी सिंह दिनकर की पंक्तियां सुनाईं- “मूल जानना बड़ा कठिन है नदियों का, वीरों का, धनुष छोड़ कर और गोत्र क्या होता रणधीरों का? पाते हैं सम्मान तपोबल से भूतल पर शूर, ‘जाति-जाति’ का शोर मचाते केवल कायर क्रूर.”

सीएम योगी ने कहा कि जिन्हें कुछ नहीं करना है, वे जातिवाद के आधार पर सामाजिक एकता को छिन्न-भिन्न करने का पाप कर रहे हैं. जातिवाद ने समाज की नींव को दरका दिया था, इसलिए देश कमजोर हुआ. जातिवाद की राजनीति India की नींव को कमजोर कर रही है. बांटने की राजनीति फिर से हम सबको गुलामी की तरफ धकेल रही है. इससे बचने के लिए हमें एकजुटता के भाव से बढ़ना होगा.

Chief Minister योगी Sunday को ईनाणी सिटी सेंटर, चित्तौड़गढ़ में जौहर श्रद्धांजलि समारोह में जनसमूह को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने सराहनीय कार्य करने वालों को सम्मानित भी किया. उन्होंने पंजाब के पूर्व Governor वीपी सिंह की पुस्तक का विमोचन भी किया.

सीएम योगी ने जनसमूह से पूछा कि वे कौन लोग हैं, जो जातिवाद के आधार पर समाज को बांट रहे हैं? अफवाह के आधार पर विश्वास का संकट खड़ा कर रहे हैं? भारत-India न बना रहे, इसके लिए दुष्चक्र कर रहे हैं? Chief Minister ने कहा कि ये वही लोग हैं, जिन्होंने कहा था कि राम-कृष्ण हुए ही नहीं. राम मंदिर आंदोलन में विरोधी पक्ष के साथ मिले और फैसला न होने देने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाया था. ये लोग रामसेतु तोड़ने के लिए उतावले दिखाई देते हैं और राम मंदिर निर्माण का विरोध करते हैं. ये लोग देश में अविश्वास का वातावरण पैदा कर रहे हैं और संवैधानिक संस्थाओं को कठघरे में खड़ा कर रहे हैं. इनका मकसद India को कठघरे में खड़ा करके अविश्वसनीय बना देना है. इन्हें देश की चिंता नहीं है. इनके अपने अस्तित्व पर संकट है, इसलिए India की अस्मिता से खिलवाड़ करने पर उतारू हैं.

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में परिवर्तन के पीछे Prime Minister मोदी का मार्गदर्शन है तो तेज Rajasthan , चित्तौड़गढ़ का है. इसके पीछे Rajasthan की वीरभूमि का भी योगदान है, क्योंकि मेरे पूज्य दादा गुरु इसी भूमि से गोरखपुर गए थे. Rajasthan , चित्तौड़गढ़, मेवाड़ के वीरों के शौर्य-पराक्रम, वीरांगनाओं के जौहर और मीराबाई की भक्ति की धुन से India अभिभूत होता है. नारी अस्मिता, सम्मान, स्वावलंबन की अमर गाथा हमें प्रेरणा प्रदान कर रही है. वीरभूमि ने India को पहचान दी है. चित्तौड़गढ़ का किला केवल पत्थरों से बना दुर्ग नहीं, बल्कि India की अस्मिता का प्रहरी है. हर सच्चे भारतीय के मन में इस वीरभूमि और यहां के राणाओं के शौर्य व राष्ट्र के लिए उनके बलिदान के प्रति श्रद्धा का भाव है.

सीएम योगी ने महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी महाराज व गुरु गोविंद सिंह जैसे राष्ट्रनायकों को याद किया. उन्होंने कहा कि इन लोगों ने अपने, परिवार या सत्ता के लिए बलिदान नहीं दिया था, बल्कि इनका संघर्ष देश-धर्म और India की स्वाधीनता के लिए था. हर संघर्ष में चट्टान की तरह सामने खड़े हुए और उसे नेस्तनाबूद भी किया. गुरु गोविंद सिंह के चार पुत्र बलिदान हुए, लेकिन उन्होंने उफ तक नहीं किया. महाराणा प्रताप, महाराणा सांगा, महारानी पद्मिनी, महाराणा कुंभा, बप्पा रावल के लिए मन में श्रद्धा का भाव है, क्योंकि जो भी राष्ट्र के प्रति योगदान देगा, उसका स्मरण सदैव होता है.

उन्होंने कहा कि यह श्रद्धांजलि समारोह प्रेरित कर रहा है कि आने वाले समय में किसी बेटी-बहन को उस दौर से न गुजरना पड़े. 1303, 1535 और 1568 में तीन बड़े जौहर यहां देखने को मिले. India का इतिहास वीरांगनाओं के जौहर से भरा पड़ा है. शत्रु हमेशा धोखे से ही वीरों का मुकाबला कर पाए. आमने-सामने की लड़ाई में वे कहीं नहीं टिके. अलाउद्दीन खिलजी के धोखे से महाराणा रत्न सिंह वीरगति को प्राप्त हुए. उनके सेनापति गोरा-बादल भी लड़ते हुए वीरगति को प्राप्त हुए तो महारानी पद्मिनी के नेतृत्व में हजारों वीरांगनाओं ने नारी अस्मिता की रक्षा के लिए जौहर व्रत लिया था, क्योंकि वह उस समय की परिस्थिति थी. माता सीता ने धरती मां से कहा था कि अगर मेरा सतीत्व अखंड है तो मुझे अपनी गोद में समाहित करो. माता सीता का जो संकल्प था, वही संकल्प धर्म जौहर के नाम पर महारानी पद्मिनी ने यहां दिखाया था. यह संकल्प नारी गरिमा का प्रतीक था. यह India माता को विधर्मियों से मुक्त करने का संकल्प था.

Chief Minister ने कहा कि यूपी में जब हमारी Government बनी तो प्रदेशवासियों से कहा कि अपराध-अपराधियों, नारी गरिमा-सुरक्षा के मामले में Government जीरो टॉलरेंस के तहत काम करेगी. किसी ने बहन-बेटी की सुरक्षा पर हाथ डाला तो अगले चौराहे पर यमराज उसका इंतजार कर रहे होंगे. 25 करोड़ वाले उत्तर प्रदेश में बेटियां अब स्कूल भी जाती हैं, नाइट शिफ्ट में काम भी करती हैं और सकुशल घर आती हैं. हर नारी को सुरक्षा, सम्मान व स्वावलंबन की गारंटी हर भारतीय नारी का अधिकार होना चाहिए.

उन्होंने India की अस्मिता को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए महाराणा सांगा के शौर्य का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि महाराणा सांगा के शरीर पर 80 घाव थे, लेकिन उन्हें स्वयं की नहीं, बल्कि राष्ट्र की अस्मिता की चिंता थी. घाव पर घाव सहते गए पर विधर्मियों को घुसने नहीं दिया. महाराणा प्रताप ने महज 27 वर्ष की आयु में ही अकबर के खिलाफ युद्ध लड़ा था. उन्होंने अकबर को नाकों चने चबाने पर मजबूर कर दिया था. India के इतिहास ने हमेशा उनके शौर्य का स्मरण किया है.

सीएम योगी ने कहा कि श्रीराम परमपिता परमेश्वर हैं, लेकिन वह राम तब बन पाए, जब उन्होंने कहा कि मैं इस धरती को राक्षसविहीन कर दूंगा. वह भी केवल यह कहते कि मैं अयोध्या का राजा हूं, मुझे कुछ नहीं करना है, तो वह राम जैसा सम्मान नहीं पाते. Rajasthan के लाखों नौजवान राम मंदिर आंदोलन में कूद पड़े थे. जब पूर्वजों के प्रति मन में भाव होता है तो परिणाम आने में देर नहीं लगती. अयोध्या में भव्य राम मंदिर बन गया, वहां गुलामी का कोई चिह्न नहीं बचा. देश एकजुट होकर एक दिशा में चलता है और जाति के नाम पर बांटने वाले नेताओं से सावधान रहता है, तो हर भारतवासी को राम मंदिर जैसा सम्मान प्राप्त होता है. कंस के अत्याचार से त्रस्त मथुरा को अभय प्रदान करने के लिए श्रीकृष्ण को संकल्प लेना पड़ा था कि सज्जन शक्ति का संरक्षण करूंगा, लेकिन दुर्जनों के संहार में संकोच नहीं करूंगा.

उन्होंने कहा कि India के महापुरुषों ने शौर्य व पराक्रम के साथ जुड़ने का आह्वान किया था. आजादी के आंदोलन में झांसी की रानी लक्ष्मीबाई ने 26 वर्ष की आयु में 1857 में अंग्रेजों के विरुद्ध शंखनाद किया था. 27 वर्ष की आयु में उनका बलिदान हो गया. नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने आह्वान किया था कि तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा. नेताजी होते तो पापी Pakistan भी नहीं होता. उनका आह्वान India की अस्मिता, आजादी और नौजवानों के लिए था. जापान, सिंगापुर, पोर्ट ब्लेयर, म्यांमार में उनके योगदान का स्मारक हमारा आह्वान करता है.

सीएम ने काकोरी के नायकों के अलावा वीर सावरकर और स्वामी विवेकानंद को भी याद किया. उन्होंने कहा कि 1893 में शिकागो की धर्मसभा में स्वामी विवेकानंद ने कहा, ‘गर्व से कहो, हम हिंदू हैं.’ यह उद्घोष India को एकता के सूत्र में बांधता है. नेपाल में भी हिंदुओं का यह भाव हर व्यक्ति को जोड़ता है.

Chief Minister ने कहा कि वीरभूमि चित्तौड़गढ़ को देखकर मुझे यूपी के साहित्यकार श्याम नारायण पांडेय की रचना हल्दीघाटी की पंक्तियां याद आती हैं– “एकलिंग का आसन है, इस पर न किसी का शासन है…”. खिलजी के नाम पर India में आज कोई नमूना दिखाई नहीं देता. बाबर, औरंगजेब और अकबर के खानदान का अता-पता नहीं है, लेकिन महाराणा प्रताप की वंशावली महाराजा साहब मंच पर उपस्थित हैं. रानी पद्मिनी की वंशावली सैकड़ों वर्ष बाद आज भी है. सनातन की मर्यादा सदैव अमर है और रहेगी. सनातन धर्म कभी पददलित नहीं होगा. हमने अनेक चुनौतियां का मुकाबला किया और करेंगे, लेकिन हमारी अमरता पर कोई अंगुली नहीं उठा सकता. मातृशक्ति का साहस अजेय था और रहेगा. स्वाभिमान की ज्वाला भी शाश्वत बनी रहेगी.

विकेटी/डीकेपी

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