
प्रयागराज, 21 फरवरी . उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में एक विशेष पोक्सो अदालत ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी शिकायत पर First Information Report दर्ज करने और जांच कराने का आदेश दिया है.
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में विशेष पोक्सो अदालत ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, उनके शिष्य मुकुंदानंद और दो अन्य के खिलाफ First Information Report दर्ज करने और जांच कराने का आदेश दिया है.
विशेष पोक्सो जज विनोद कुमार चौरसिया ने झूंसी Police स्टेशन के प्रभारी को यह निर्देश दिया. First Information Report शिकायतकर्ता, जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य अशुतोष ब्रह्मचारी द्वारा दायर की गई थी.
ब्रह्मचारी ने यह आवेदन भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता अधिनियम की धारा 173(4) के तहत दायर किया था, जिसके तहत यह प्रावधान है कि यदि Police अधिकारी शिकायत दर्ज करने से इंकार करता है, तो व्यक्ति मजिस्ट्रेट से संपर्क कर सकता है.
ब्रह्मचारी ने दो नाबालिग बच्चों को पोक्सो कोर्ट में पेश किया था और अदालत ने 13 फरवरी को आवेदन पर आदेश सुरक्षित रखा था.
Saturday को विशेष अदालत ने प्रयागराज Police आयुक्त जोगेंद्र कुमार द्वारा प्रस्तुत प्रारंभिक जांच रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद First Information Report दर्ज करने और आगे की जांच का निर्देश दिया.
पिछले हफ्ते स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सुर्खियों में आए थे, जब Supreme Court ने उनके शिष्यों के खिलाफ Police अत्याचार की शिकायत पर दायर पीआईएल को खारिज कर दिया था. Supreme Court ने कहा कि कानून और व्यवस्था राज्य Government के अधिकार क्षेत्र में आता है, और याचिकाकर्ता उचित अधिकारियों से शिकायत कर सकते हैं.
यह विवाद माघ मेले के दौरान मौनी अमावस्या स्नान महोत्सव में हुआ, जब स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पारंपरिक पालकी यात्रा के माध्यम से संगम जाने का प्रयास कर रहे थे. प्रयागराज प्रशासन ने भारी भीड़ और “नो-व्हीकल जोन” नीति का हवाला देते हुए इस यात्रा को रोका.
इसके बाद उनके शिष्यों और Police के बीच झड़प हुई, जिसमें मारपीट के आरोप लगे. इसके बाद विरोध करते हुए स्वामी ने धरना दिया और कथित रूप से भोजन और जल का बहिष्कार कर प्रशासन से माफी की मांग की.
विवाद तब और बढ़ा जब माघ मेला प्राधिकरण ने स्वामी को “शंकराचार्य” की उपाधि का इस्तेमाल करने के अधिकार पर नोटिस जारी किया.
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एएमटी/डीएससी