
New Delhi, 21 फरवरी . ब्राजील के President लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने Saturday को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में तुरंत सुधार की मांग की. उन्होंने परिषद में India और ब्राजील को स्थायी सदस्य के रूप में शामिल करने का समर्थन किया.
New Delhi के हैदराबाद हाउस में Prime Minister Narendra Modi के साथ लंबी बातचीत के बाद मीडिया से बात करते हुए ब्राजील के President ने जी4 (भारत, ब्राजील, जर्मनी और जापान) समूह की भूमिका को रेखांकित किया. यह समूह मिलकर काउंसिल में सुधार की वकालत करता है और एक-दूसरे की स्थायी सदस्यता का समर्थन करता है.
ब्राजील के President ने कहा कि 20 से अधिक वर्षों से ब्राजील, भारत, जापान और जर्मनी ने जी4 नामक समूह बनाया है, जहां हम संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के विस्तार की वकालत करते हैं. यह अब तक नहीं हुआ है, लेकिन जल्द ही जरूर होगा क्योंकि संयुक्त राष्ट्र को अधिक प्रतिनिधित्व की आवश्यकता है. आज दुनियाभर में जो संघर्ष हम देख रहे हैं, उनमें हस्तक्षेप करने के लिए संयुक्त राष्ट्र के पास शक्ति और सामर्थ्य होना चाहिए. जो संस्था यह नहीं कर पाती, वह टिक नहीं पाएगी.
उन्होंने आगे कहा कि हम संयुक्त राष्ट्र को ज्यादा प्रतिनिधि बनाने के लिए संघर्ष जारी रखेंगे, जिसमें दुनिया के अधिक देशों को शामिल किया जाए और ब्राजील व India को स्थायी सुरक्षा परिषद के सदस्य के रूप में स्थान मिले. स्थायी और अस्थायी दोनों श्रेणियों के सदस्यों की संख्या बढ़ाना वैश्विक शासन को वैधता और प्रभावशीलता प्रदान करने के लिए आवश्यक है.
18 से 22 फरवरी के चलने वाले दौरे पर ब्राजील के राष्ट्रपति ने दूसरे एआई इम्पैक्ट समिट में भी हिस्सा लिया.
लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने कहा कि मेरे प्यारे मित्र मोदी, छठी बार इस देश में लौटना मेरे लिए खुशी की बात है. India और ब्राजील के बीच मीटिंग बहुत बढ़िया हुई है. हम सिर्फ ग्लोबल साउथ की दो सबसे बड़ी डेमोक्रेसी नहीं हैं. हम दोनों ही बहुत अलग-अलग तरह के देश हैं और कल्चरल इंडस्ट्री के हब हैं. हम दोनों ही बहुपक्षवाद तथा शांति के समर्थक हैं. इस राजकीय यात्रा और एआई इम्पैक्ट शिखर सम्मेलन में आमंत्रण हमारे बीच तालमेल और पारस्परिक विश्वास को दर्शाता है.
Saturday को दोनों पक्षों के बीच ट्रेड, एनर्जी, डिफेंस, एग्रीकल्चर, क्लाइमेट एक्शन, टेक्नोलॉजी, एआई, सेमीकंडक्टर, जरूरी मिनरल्स और ग्लोबल साउथ कोऑपरेशन में भारत-ब्राजील स्ट्रेटजिक पार्टनरशिप को मजबूत करने पर फोकस था.
विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों नेताओं ने एक समावेशी और बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था के अपने दृष्टिकोण को दोहराया और आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता जताई.
ब्राजील के President लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा के साथ लगभग 14 मंत्री और ब्राजील की प्रमुख कंपनियों के शीर्ष सीईओ का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल भी आया है.
Prime Minister मोदी और ब्राजील के President की मुलाकातें हाल के वर्षों में लगातार होती रही हैं. जुलाई 2025 में Prime Minister मोदी ब्रासीलिया की राजकीय यात्रा पर गए थे, जो पिछले 57 वर्षों में किसी भारतीय Prime Minister की पहली यात्रा थी. दोनों नेता नवंबर 2025 में जी20 के दौरान जोहान्सबर्ग में भी मिले थे.
President लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने कहा कि पिछले साल जुलाई में मुझे ब्रासीलिया में अपने दोस्त मोदी की मेजबानी करने का मौका मिला था. उनकी वह यात्रा एक मील का पत्थर थी. उस दौरान हमने द्विपक्षीय सहयोग एजेंडा को पांच क्षेत्रों रक्षा और सुरक्षा, खाद्य और पोषण सुरक्षा, ऊर्जा परिवर्तन और जलवायु परिवर्तन, डिजिटल परिवर्तन और उभरती प्रौद्योगिकियां तथा रणनीतिक क्षेत्रों में औद्योगिक साझेदारी में पुनर्गठित किया. आज दिल्ली में जब हम ब्राजील-India रणनीतिक साझेदारी की स्थापना के 20 वर्ष पूरे होने का जश्न मना रहे हैं, हम इसे क्रियान्वयन की दिशा में आगे बढ़ा रहे हैं.
Saturday को महत्वपूर्ण खनिज, डिजिटल सहयोग, पारंपरिक ज्ञान के आदान-प्रदान, स्वास्थ्य, एमएसएमई, उद्यमिता और जनसंचार सहित विभिन्न क्षेत्रों में कुल 10 समझौते अंतिम रूप दिए गए. दोनों नेताओं ने अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को 20 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक तक बढ़ाने की प्रतिबद्धता भी जताई.
ब्राजील के President लूला ने हैदराबाद हाउस में Prime Minister मोदी के साथ संयुक्त रूप से मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि हमने कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं, जो इन क्षेत्रों में हमारे सहयोग को ठोस रूप और गुणवत्ता प्रदान करते हैं. ध्यान देने वाली बात है कि India इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बायोटेक्नोलॉजी और स्पेस एक्सप्लोरेशन जैसे कटिंग-एज सेक्टर में आगे बढ़ा है. ये डेवलपमेंट ब्राजील के साथ कोऑपरेशन के कई मौके बनाते हैं.
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अर्पित याज्ञनिक/वीसी