
वाशिंगटन, 2 मार्च . ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रेज़ा पहलवी ने ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत को गेम चेंजर बताते हुए कहा कि यह पल “खामेनेई के शासन के अंत की शुरुआत” है. हम इसका इंतजार कर रहे थे.
वॉशिंगटन पोस्ट में एक लेख और फॉक्स न्यूज़ पर एक टेलीविजन साक्षात्कार में निर्वासित क्राउन प्रिंस रेज़ा पहलवी ने ईरान में सत्ता संतुलन में बदलाव लाने वाले हमलों का आदेश देने के लिए अमेरिकी President डोनाल्ड ट्रंप को सार्वजनिक रूप से धन्यवाद दिया.
पहलवी ने लिखा, “President महोदय धन्यवाद. इन शब्दों ने ईरानी जनता को शक्ति दी है और मुझे विश्वास है कि वे इस चुनौती का सामना करेंगे.” फॉक्स न्यूज़ के साक्षात्कार में उन्होंने कहा, “इसमें कोई संदेह नहीं है कि यह वह निर्णायक क्षण है जिसका हम इंतजार कर रहे थे.”
उन्होंने कहा,“देश और विदेश में ईरानियों का उल्लास दर्शाता है कि लोग इस क्षण की कितनी उम्मीद कर रहे थे.” उन्होंने कहा कि वह “लाखों ईरानियों के साथ President ट्रंप को इस कार्रवाई के लिए धन्यवाद देते हैं.”
पहलवी ने तर्क दिया कि इस्लामी गणराज्य दशकों से “एक विस्तारवादी क्रांतिकारी उद्यम के रूप में काम कर रहा था, जो पड़ोसियों की संप्रभुता को कुचल रहा था और दुनियाभर में संघर्षों को बढ़ावा दे रहा था. परमाणु हथियार और उन्हें ले जाने वाली लंबी दूरी की मिसाइलों का निर्माण कर रहा था.”
उन्होंने अमेरिकी नागरिकों के खिलाफ खामेनेई शासन के रिकॉर्ड का हवाला देते हुए लिखा कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर “ईरान द्वारा आपूर्ति किए गए बमों के माध्यम से मारे गए 603 अमेरिकी सैनिकों सहित एक हजार से अधिक अमेरिकियों की मौत के लिए जिम्मेदार है.”
अपने साक्षात्कार में पहलवी ने कहा कि वह “इस परिवर्तन का नेतृत्व कर रहे हैं” और उन्हें “लाखों ईरानी लोगों का समर्थन” प्राप्त है. उन्होंने अराजकता से बचने के उद्देश्य से एक मजबूत व स्थिर परिवर्तन की योजनाओं की रूपरेखा प्रस्तुत की.
उन्होंने “ईरान समृद्धि परियोजना” के नाम से जाने जाने वाले एक विस्तृत रोडमैप की ओर इशारा किया, जिसमें देश को स्थिर करने के लिए “पहले सौ दिन बेहद महत्वपूर्ण” अवधि का वर्णन किया गया है. अपने लेख में, उन्होंने कहा कि परिवर्तन योजना “संस्थाओं के विघटन, सत्ता के शून्य और अराजकता” को रोकने के लिए बनाई गई है.
उन्होंने लिखा, “हमारा आगे का रास्ता पारदर्शी होगा. एक नया संविधान जनमत संग्रह द्वारा तैयार और अनुमोदित किया जाएगा, जिसके बाद अंतरराष्ट्रीय निगरानी में स्वतंत्र चुनाव होंगे.”
टेलीविजन साक्षात्कार में उन्होंने अनुमान लगाया कि सत्ता परिवर्तन की शुरुआत से लेकर अंतिम जनमत संग्रह तक का समय “अधिकतम दो साल से अधिक नहीं होगा.”
पहलावी ने भावी लोकतांत्रिक ईरान को वाशिंगटन के लिए एक रणनीतिक और आर्थिक साझेदार के रूप में भी प्रस्तुत किया. उन्होंने कहा, “हम ईरानी होने के नाते, अमेरिका को अपने पुनर्निर्माण में सबसे अच्छा साझेदार मानते हैं.”
उन्होंने सुझाव दिया कि बाजार को फिर से खोलने से केवल ईरान के बाजार के माध्यम से ही अमेरिकी अर्थव्यवस्था को संभवतः एक ट्रिलियन डॉलर से अधिक का लाभ और राजस्व प्राप्त हो सकता है.
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पीयूष/एएस