बंगाल चुनाव: आचार संहिता लागू होते ही चुनाव आयोग ने अधिकारियों के तबादलों पर लगाई रोक

कोलकाता, 16 मार्च . पश्चिम बंगाल में कई अधिकारियों और Police अधिकारियों के तबादले पर रोक लग गई है. इन तबादलों का आदेश Sunday दोपहर को India निर्वाचन आयोग (ईसीआई) की ओर से राज्य में दो चरणों में होने वाले मतदान की तारीखों की घोषणा किए जाने से ठीक एक घंटे पहले दिया गया था.

चुनाव की घोषणा के बाद से ही राज्य में आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) लागू हो गई है, जिसके चलते पश्चिम बंगाल Government ईसीआई की अनुमति के बिना कोई भी प्रशासनिक निर्णय नहीं ले सकती.

11 भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारियों और 109 पश्चिम बंगाल सिविल सेवा (डब्ल्यूबीसीएस) अधिकारियों के तबादले का आदेश ईसीआई द्वारा मतदान की तारीख की घोषणा और एमसीसी के लागू होने से पहले ही दे दिया गया था, फिर भी कुछ कानूनी पेचीदगियां इनमें से कुछ भारतीय प्रशासनिक सेवा और Police अधिकारियों के तबादले को लागू करने में बाधा बन सकती हैं.

पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय के सूत्र ने बताया, “यदि तबादले का आदेश दिया जाता है और तबादला किए गए अधिकारी एमसीसी लागू होने से पहले अपने नए पद पर कार्यभार ग्रहण कर लेते हैं, तो कोई समस्या नहीं होगी, लेकिन जिन अधिकारियों ने एमसीसी लागू होने से पहले अपने नए पद की सूचना नहीं दी है, उस स्थिति में राज्य Government चुनाव आयोग की सहमति के बिना तबादला लागू नहीं कर पाएगी.”

उनके अनुसार, इस संबंध में नियम बिल्कुल स्पष्ट हैं. “पहला, राज्य Government चुनावी प्रक्रिया में शामिल किसी भी अधिकारी का मनमाने ढंग से तबादला नहीं कर सकेगी. यदि राज्य Government को प्रशासनिक उद्देश्यों के लिए किसी अधिकारी का तबादला करना आवश्यक लगता है, तो उन्हें पहले इस मामले में चुनाव आयोग की सहमति लेनी होगी. तबादलों से संबंधित सभी मामले अब आयोग के विशेषाधिकार में हैं और यह तब तक जारी रहेगा जब तक चुनाव आयोग का आदेश लागू रहेगा.”

पश्चिम बंगाल में इस बार चुनाव दो चरणों में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को होंगे. पहले चरण में 152 विधानसभा क्षेत्रों में मतदान होगा और दूसरे चरण में शेष 142 क्षेत्रों में मतदान होगा.

इस बीच Sunday रात को एक अभूतपूर्व घटनाक्रम में चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल की मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती और राज्य के गृह सचिव जगदीश प्रसाद मीणा के तबादलों का आदेश दिया और यह भी आदेश दिया कि दोनों किसी भी प्रकार के चुनाव संबंधी कार्य में शामिल नहीं होंगे. दुष्यन्त नरियाला ने चक्रवर्ती, वहीं संघमित्रा घोष ने मीणा की जगह ली है.

एसएके/वीसी

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