ईडी ने एटम कैपिटल और अन्य कंपनियों के ठिकानों पर छापेमारी की

New Delhi, 5 फरवरी . Enforcement Directorate (ईडी) ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत एक बड़े घोटाले की जांच तेज कर दी है. 27 फरवरी 2026 को ईडी ने Mumbai और चेन्नई में कुल 8 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया.

यह कार्रवाई एटम कैपिटल प्राइवेट लिमिटेड और इससे जुड़ी अन्य कंपनियों के खिलाफ की गई. जांच में पता चला है कि एटम कैपिटल, ऑप्टिमस फाइनेंशियल सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड, बबली इन्वेस्टमेंट प्राइवेट लिमिटेड और सुप्रीमस एंजेल जैसी कंपनियां एक कार्टेल चला रही थीं.

इन कंपनियों के निदेशक सतीश कुमार, संजय दमानी, नीरज निसार, कृष वोहरा, मनीष सोनी और निशा कुमारी ने निर्दोष लोगों को लालच दिया कि वे एनएसई लिमिटेड के गैर-सूचीबद्ध शेयर खरीद लें. आरोपियों ने वादा किया कि शेयरों की कीमत बहुत तेजी से बढ़ेगी और निवेशकों को भारी मुनाफा होगा. इस लालच में हजारों निवेशकों ने इन कंपनियों के साथ प्रीमियम पर शेयर खरीदने के समझौते किए और एडवांस के रूप में बड़ी रकम दी. लेकिन, एनएसई के शेयर किसी स्टॉक एक्सचेंज पर सूचीबद्ध नहीं हैं, इसलिए इनकी खरीद-बिक्री और डिलीवरी पर कोई नियंत्रण नहीं होता. आरोपियों ने निवेशकों से ली गई रकम को धोखाधड़ी से हड़प लिया.

जांच में सामने आया कि घोटाले से हुई कमाई को कई बैंक खातों के जरिए घुमाया गया और उससे चल-अचल संपत्तियां खरीदी गईं. तलाशी के दौरान कई गलत दस्तावेज, संपत्तियों के विवरण और डिजिटल रिकॉर्ड जब्त किए गए हैं. इनकी जांच से घोटाले की पूरी तस्वीर सामने आ रही है. ईडी ने पीएमएलए की धारा 17(1ए) के तहत सतीश कुमार, संजय दमानी और संबंधित कंपनियों के कई बैंक खाते और डीमैट खाते फ्रीज कर दिए हैं, क्योंकि इनमें अपराध की कमाई पाई गई है.

पीड़ित निवेशकों ने पूरे देश में इन आरोपियों के खिलाफ कई शिकायतें दर्ज कराई हैं. कुछ मामलों में स्थानीय Police ने अभी तक First Information Report तक दर्ज नहीं की है. ईडी की जांच जारी है और जल्द ही और कार्रवाई होने की संभावना है. यह मामला निवेशकों के बीच गैर-सूचीबद्ध शेयरों के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी का बड़ा उदाहरण है.

डीएससी

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