ई20 विवाद : नितिन गडकरी को बॉम्बे हाईकोर्ट से राहत, सोशल मीडिया कंपनियों पर कर सकेंगे केस

Mumbai , 5 अगस्त . Union Minister नितिन गडकरी को ई20 पेट्रोल को लेकर social media पर फैलाए जा रहे फर्जी वीडियो और पोस्ट के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ने की इजाजत मिल गई है. बॉम्बे हाईकोर्ट ने उन्हें मेटा, एक्स और गूगल समेत अज्ञात social media यूजर्स के खिलाफ सिविल मुकदमा दायर करने की अनुमति दी है.

पिछले कुछ समय से social media पर एआई की मदद से बनाए गए डीपफेक वीडियो और भ्रामक पोस्ट वायरल हो रहे थे. इनमें गलत तरीके से दिखाया जा रहा था कि नितिन गडकरी और उनके परिवार को Government की ई20 इथेनॉल पेट्रोल नीति से आर्थिक फायदा हो रहा है.

नितिन गडकरी ने कोर्ट में दलील दी कि इथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम उनके मंत्रालय से नहीं जुड़ा है. यह काम पूरी तरह पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय देखता है. उनके नाम और परिवार को इस नीति से जोड़कर बदनाम करने की कोशिश की जा रही है.

Union Minister ने कोर्ट से दो चीजें मांगी हैं. पहली, आपत्तिजनक कंटेंट को तुरंत हटाने का आदेश. दूसरी, उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए 11 करोड़ रुपए का हर्जाना.

नितिन गडकरी के वकीलों ने अदालत में कहा कि यह कार्रवाई आम लोगों की राय या चर्चा को दबाने के लिए नहीं है. इसका मकसद social media कंपनियों को उनके प्लेटफॉर्म पर फैल रही फर्जी और अपमानजनक सामग्री के लिए जवाबदेह ठहराना है.

हाईकोर्ट ने उनकी याचिका सुनने के बाद मुकदमा दायर करने की इजाजत दे दी है.

बता दें कि ई20 का मतलब है 20 फीसदी इथेनॉल मिला हुआ पेट्रोल. Government का कहना है कि इससे कार्बन उत्सर्जन कम होगा और कच्चे तेल के आयात पर खर्च भी घटेगा. हालांकि इस नीति को लेकर बहस भी हो रही है. कुछ लोग गाड़ियों की अनुकूलता को लेकर सवाल उठा रहे हैं. यह भी कहा जा रहा है कि ई20 इस्तेमाल करने पर गाड़ी की माइलेज में 2 से 6 फीसदी तक गिरावट आ सकती है.

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वीकेयू/एएस

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