टीवीके सरकार के 100 दिन: कल्याणकारी योजनाओं और निवेश पर रहा जोर, सीएम विजय के सामने ये चुनौतियां

चेन्नई, 16 अगस्त . सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेट्री कझगम (टीवीके) Government Monday को सत्ता में अपने 100 दिन पूरे कर रही है. यह तमिलनाडु में द्रविड़ मुनेत्र कझगम (डीएमके) और अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कझगम (एआईएडीएमके) के बारी-बारी से चले आ रहे शासन के पांच दशकों से अधिक के दौर के बाद एक बड़ा Political बदलाव है.

एक नई Political पार्टी टीवीके ने अप्रैल में विधानसभा चुनाव जीता और 10 मई को Government बनाई. विजय ने नौ मंत्रियों के साथ Chief Minister पद की शपथ ली. 21 मई को कैबिनेट का विस्तार करते हुए 23 मंत्री और अगले दिन दो और मंत्री शामिल किए गए.

पद संभालने के तुरंत बाद विजय ने तीन अहम फाइलों पर दस्तखत किए. इनमें 500 यूनिट तक बिजली इस्तेमाल करने वाले घरेलू उपभोक्ताओं को हर दो महीने में 200 यूनिट मुफ्त बिजली देना, महिलाओं की सुरक्षा के लिए ‘सिंगप्पेन स्पेशल टास्क फोर्स’ का प्रस्ताव और 65 एंटी-नारकोटिक्स यूनिट बनाना शामिल था.

Government ने शिक्षण संस्थानों और पूजा स्थलों के पास 717 टीएएसएमएसी शराब की दुकानें बंद कर दीं. इसके साथ ही Governmentी कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता 58 से बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर दिया, अम्मा कैंटीन के नवीनीकरण का आदेश दिया और सीमांत किसानों के लिए 50,000 रुपए तक के फसल ऋण माफ करने की घोषणा की.

27 मई को New Delhi की अपनी यात्रा के दौरान सीएम विजय ने Prime Minister Narendra Modi से मुलाकात की और मेकेदातु बांध विवाद तथा तमिलनाडु के मछुआरों की समस्याओं से जुड़ी मांगें रखीं. 9 जून को उन्होंने ‘सिंगप्पेन फोर्स’ की शुरुआत की और बाद में Governmentी अस्पतालों में पैदा होने वाले बच्चों के लिए सोने की अंगूठी देने की योजना की घोषणा की.

संशोधित बजट में कई कल्याणकारी उपाय पेश किए गए, जिनमें दुल्हनों के लिए आठ ग्राम के सोने के सिक्के और रेशमी कपड़े, झोपड़ियों की जगह 70,000 पक्के घर, 11वीं कक्षा के छात्रों के लिए आधुनिक साइकिलें और Governmentी कॉलेज के छात्रों के लिए लैपटॉप शामिल हैं.

राज्य की वित्त मंत्री मारिया विल्सन ने कहा कि बजट में चुनाव के 125 वादों को शामिल किया गया है. टीवीके Government के लिए उद्योग एक मुख्य फोकस बन गया है. Government का कहना है कि अपने पहले 100 दिनों में 104 समझौतों के जरिए 1 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का निवेश आया है.

अकेले ‘वेट्री तमिलनाडु इन्वेस्टर्स कॉन्क्लेव’ में 67,452 करोड़ रुपए के 97 समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए, जिनसे 23 जिलों में 1.07 लाख नौकरियां पैदा होने की संभावना है.

हालांकि, प्रशासन को कानून-व्यवस्था, यौन अपराधों, बिजली कटौती और खराब कचरा प्रबंधन को लेकर विपक्ष की आलोचना का सामना करना पड़ रहा है. अनुभवहीन मंत्रियों को विधानसभा में डीएमके और एआईएडीएमके विधायकों का भी सामना करना पड़ा है.

इन चुनौतियों के बावजूद Government ने प्रशासनिक तत्परता, कल्याणकारी योजनाओं के विस्तार और भ्रष्टाचार के खिलाफ सतर्कता की छवि पेश की है. इसका शुरुआती रिकॉर्ड आशाजनक लगता है, लेकिन इसके ऐलान और निवेश का अमल ही यह तय करेगा कि क्या शुरुआती 100 दिन स्थायी बदलाव की नींव बनेंगे या नहीं.

ओपी/वीसी

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