
New Delhi, 27 मई . Maharashtra Government ने राज्य में सूखे की समस्या से निपटने के लिए बड़ा कदम उठाया है. Chief Minister देवेंद्र फडणवीस ने Wednesday को घोषणा की कि राज्य Government केंद्र Government के जल जीवन मिशन, Prime Minister कृषि सिंचाई योजना (पीएमकेएसवाई) और विभिन्न राज्य स्तरीय जल संरक्षण पहलों को सर्वोच्च प्राथमिकता देगी.
यह घोषणा केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक के बाद की गई. Chief Minister ने कहा कि केंद्र Government ने लंबित जल परियोजनाओं में तेजी लाने के उद्देश्य से Maharashtra की वित्तीय और अवसंरचना संबंधी मांगों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है.
Chief Minister फडणवीस ने पत्रकारों को बताया कि बैठक में पीएमकेएसवाई के तहत चल रही सिंचाई परियोजनाओं की व्यापक समीक्षा की गई. उन्होंने कहा कि उन्होंने लंबित परियोजनाओं को पूरा करने के लिए अतिरिक्त निधि का अनुरोध किया था और केंद्र से पर्याप्त वित्तीय सहायता का आश्वासन प्राप्त हुआ है.
उन्होंने कहा कि जिन योजनाओं का कार्य 50 से 75 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है, साथ ही 75 प्रतिशत से अधिक पूर्ण हो चुकी योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर निधि आवंटित की जाएगी. Maharashtra को इन पाइपलाइन और जल अवसंरचना परियोजनाओं में तेजी लाने के लिए केंद्र Government से लगभग 6,800 करोड़ रुपए मिलने की उम्मीद है. पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए, राज्य और केंद्रीय अधिकारियों ने पहले ही 90 प्रतिशत योजनाओं की गहन समीक्षा कर ली है.
Chief Minister फडणवीस ने आगे कहा कि पूर्ण हो चुकी जल आपूर्ति योजनाओं का ग्राम, ग्राम पंचायत, तालुका और जिला स्तर पर सटीक सत्यापन किया जाएगा. हम पहचानी गई कमियों को दूर कर रहे हैं और उच्च गुणवत्ता वाले कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए जल स्रोतों को मजबूत कर रहे हैं.
Maharashtra की अनूठी चुनौती पर प्रकाश डालते हुए Chief Minister ने कहा कि देश के लगभग 40 प्रतिशत बांधों के बावजूद, राज्य का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा सूखाग्रस्त है. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि दीर्घकालिक जल संरक्षण और जन भागीदारी ही एकमात्र स्थायी समाधान हैं.
Chief Minister के अनुसार, राज्य Government ‘जल तारा’ और ‘जलयुक्त शिवर’ जैसी पहलों को कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) फंड और महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (एमजीएनआरईजीए) के साथ एकीकृत करके उनका विस्तार करने की योजना बना रही है.
–
एमएस/