
New Delhi, 28 मई . कर्नाटक में सिद्दारमैया के Chief Minister पद से इस्तीफा देने के बाद Political माहौल और गरमा गया है. इस पूरे मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है और राज्य की राजनीति को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए हैं.
भाजपा नेता गौरव वल्लभ ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी के भीतर सत्ता को लेकर एक तरह की ‘टेंडरिंग व्यवस्था’ चल रही है. उनके अनुसार, कांग्रेस में जैसे किसी प्रोजेक्ट के लिए बोली लगती है, वैसे ही राज्यों और पदों का बंटवारा भी हो रहा है. उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि जिस नेता की ‘हाईएस्ट बिड’ होती है, उसे Chief Minister बना दिया जाता है और जो पीछे रह जाता है, उसे हटा दिया जाता है. उनका कहना है कि सिद्दारमैया की बिड कमजोर रह गई, इसलिए उन्हें पद से हटना पड़ा.
गौरव वल्लभ ने आगे कहा कि कांग्रेस ने एक ऐसा मॉडल पेश किया है जिसमें नेतृत्व चयन किसी पारदर्शी Political प्रक्रिया के बजाय ‘बोली लगाने’ जैसी व्यवस्था जैसा दिखता है.
इस दौरान उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि कांग्रेस दावा करती है कि राहुल गांधी इंडिया अलायंस के सबसे बड़े नेता हैं, लेकिन पहले यह साफ होना चाहिए कि क्या इंडिया अलायंस वास्तव में अस्तित्व में भी है या नहीं. उनका कहना है कि अलग-अलग राज्यों में विपक्षी दल एक साथ चुनाव नहीं लड़ते, बल्कि अलग-अलग लड़ाई लड़ते हैं.
गौरव वल्लभ ने कहा कि पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल जैसे राज्यों में विपक्षी दलों ने अलग-अलग चुनाव लड़ा, जिससे यह सवाल उठता है कि क्या वास्तव में कोई गठबंधन है भी या नहीं. उन्होंने कहा कि अगर कोई गठबंधन मौजूद ही नहीं है, तो उसके नेतृत्व का दावा करना भी सवालों के घेरे में आता है.
वहीं, भाजपा प्रवक्ता आरपी सिंह ने भी कर्नाटक की स्थिति पर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि पिछले कई महीनों से राज्य में Political खींचतान चल रही है, जिसका सीधा असर प्रशासन पर पड़ रहा है. उनके अनुसार Government के भीतर चल रही अस्थिरता का नुकसान जनता को उठाना पड़ रहा है.
आरपी सिंह ने कहा कि Bengaluru जैसे बड़े शहरों में नागरिक सेवाएं प्रभावित हुई हैं और प्रशासनिक कामकाज भी धीमा हुआ है. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेतृत्व अपने आंतरिक मतभेदों में उलझा हुआ है, जिससे राज्य के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं.
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पीआईएम/डीकेपी