
New Delhi, 13 अगस्त . संसद के मानसून सत्र में हंगामे के बीच Lok Sabha की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई है. Samajwadi Party की सांसद डिंपल यादव ने संसद सत्र पर जारी गतिरोध और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर केंद्र Government पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि संसद की कार्यवाही बाधित होने की बात को सही तरीके से नहीं देखा जाना चाहिए.
सपा सांसद डिंपल यादव ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि सत्र बर्बाद नहीं हुआ है बल्कि इस दौरान युवाओं और छात्रों से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल देश के सामने आए हैं. उन्होंने Government पर युवाओं के विरोध प्रदर्शन को दबाने और social media पर उसकी चर्चा को कम करने का आरोप भी लगाया.
डिंपल यादव ने कहा कि 20 जुलाई को हजारों-लाखों युवा सड़कों पर उतरे थे. प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ Government ने जिस तरह की कार्रवाई की, वह चौंकाने वाली थी. उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी उनके या Government के परिवारों के बच्चे नहीं थे लेकिन social media के माध्यम से पूरे देश ने युवाओं का दर्द देखा. उनके अनुसार, इस विरोध प्रदर्शन में युवाओं की एकजुटता दिखाई दी और विपक्षी दलों ने भी उनके मुद्दों का समर्थन किया.
सपा सांसद ने social media को लेकर भी Government पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि social media का एल्गोरिदम बदलने के कारण अब प्रदर्शन से जुड़ी कई रील्स दिखाई नहीं दे रही हैं. डिंपल ने दावा किया कि इससे ऐसा लगता है कि Government नहीं चाहती कि लोगों को याद रहे कि 20 जुलाई को इतना बड़ा छात्र आंदोलन हुआ था. उन्होंने कहा कि यह मुद्दा Government को सवालों के घेरे में खड़ा करता है.
डिंपल यादव ने संसद सत्र के दौरान भाजपा Government पर अहंकार का आरोप भी लगाया. उन्होंने कहा कि इस सत्र से कहीं न कहीं यह संदेश गया है कि भाजपा की Government अहंकारी है. उनके मुताबिक, Government ने न तो आस्था से जुड़े मुद्दों को महत्व दिया और न ही युवाओं से जुड़े सवालों को गंभीरता से लिया.
डिंपल यादव ने मंदिर के नाम पर जुटाए गए धन को लेकर भाजपा पर लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया. उन्होंने इसे लोगों की आस्था और श्रद्धा के साथ ‘चोरी’ करार दिया. उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने भावनाओं के साथ मंदिर में दान और समर्पण किया था, उनकी भावनाओं को आघात पहुंचा है.
मंदिर के लिए जुटाए गए चढ़ावे और उसके प्रबंधन को लेकर भी डिंपल यादव ने सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि लोगों ने अपनी आस्था और भावनाओं के साथ मंदिर के लिए दान और योगदान दिया था. ऐसे में मंदिर के प्रबंधन के लिए बनाए गए ट्रस्ट को राष्ट्रीय ट्रस्ट बनाया जाना चाहिए ताकि उसके पास आने वाले हर पैसे का पारदर्शी हिसाब-किताब हो. ट्रस्ट के धन का इस्तेमाल किसी संगठन को चलाने या किसी संगठन के हित में नहीं किया जाना चाहिए.
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एसएके/पीएम