
खंडवा, 20 अगस्त . Madhya Pradesh के खंडवा नगर निगम में आवारा कुत्तों की नसबंदी के नाम पर 40 लाख के कथित भ्रष्टाचार के मामले ने तूल पकड़ लिया है. इस मामले को लेकर कुत्ते का मास्क पहने एक आदमी समेत कुछ लोगों ने खंडवा कलेक्ट्रेट पर एक सांकेतिक विरोध जताया. इसमें शहर में आवारा कुत्तों की नसबंदी के लिए दी गई राशि के गलत इस्तेमाल और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया. हालांकि, नगर निगम ने साफतौर पर इस आरोप का खंडन करते हुए इसे बेबुनियाद बताया.
कुत्ते का मास्क पहने एक युवक ने कहा, “समस्या यह थी कि इन लोगों द्वारा किए जा रहे नसबंदी प्रोसेस में बहुत भ्रष्टाचार था. मुझे उम्मीद है कि न्याय मिलेगा और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.”
नगर निगम के नेता विपक्ष दीपक उर्फ मुल्लू राठौर ने से कहा, “बिल्कुल, कार्रवाई होनी चाहिए. अगर इस देश में कुत्तों के नाम पर भ्रष्टाचार हो रहा है और इस मुद्दे पर इतनी चिंता है, पूरे देश से आवाज उठ रही है, तो ठोस कार्रवाई होनी चाहिए. जिस सिस्टम के तहत Government ये नसबंदी के तरीके अपना रही है, उसे बदलना चाहिए ताकि न तो कुत्तों को और न ही इंसानों को कोई दिक्कत हो.”
जनसुनवाई के दौरान एक व्यक्ति के कुत्ते का मास्क पहनने की घटना पर निगम आयुक्त प्रियंका राजावत ने कहा, “ये आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद हैं क्योंकि एबीसी सेंटर में बधियाकरण का काम किया जाता है. सेंटर चलाने वाली संस्था को ऑनलाइन टेंडर प्रोसेस से चुना जाता है.”
वहीं, डॉग मास्क पहनकर जनसुनवाई में आए एक शिकायतकर्ता का मामला पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया है. इस मामले पर social media पर डॉग बाइट के पीड़ितों और जानवर प्रेमियों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं.
इस संबंध में जिला रेबीज नियंत्रण अधिकारी डॉ. योगेश शर्मा ने कहा, “अगर पिछले महीने की बात करें तो जिला अस्पताल में हमारे पास डॉग बाइट के कुल 244 केस आए, जिन्हें एआरवी इंजेक्शन और इम्यूनोग्लोबुलिन देकर इलाज किया गया. पिछले चार सालों में, 2022 से 2025 तक, कुल मिलाकर करीब 12,700 केस सामने आए हैं, जिनका जिला अस्पताल में इलाज किया गया, जिन्हें एआरवी इंजेक्शन दिए गए.”
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केके/एबीएम