शिलांग हिंसा के बाद असम और मेघालय के मुख्यमंत्रियों ने शांति के लिए संयुक्त प्रयासों पर जताई सहमति

गुवाहाटी, 20 अगस्त . असम के Chief Minister हिमंत बिस्वा सरमा और मेघालय के Chief Minister कॉनराड के. संगमा ने Thursday को शिलांग में हाल ही में हुई हिंसा और उसके असर पर बात की.

दोनों पड़ोसी राज्यों के बीच शांति, भरोसा और सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए मिलकर काम करने पर सहमति बनी.

संगमा ने कहा कि उन्होंने 19 अगस्त को शिलांग में हुई हिंसा और उसके बाद हुई प्रतिक्रियाओं के बारे में सरमा से बात की. इन घटनाओं से असम और मेघालय, दोनों जगहों पर आम लोगों और यात्रियों पर असर पड़ा है.

संगमा ने social media प्‍लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पर एक पोस्ट में कहा, “हमेशा की तरह, हम स्थिति को सामान्य करने के लिए मिलकर काम करने पर सहमत हुए हैं.”

उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों के कैबिनेट मंत्री बातचीत को आगे बढ़ाने और शांति, भरोसा और सामान्य स्थिति बहाल करने के उपायों पर चर्चा करने के लिए मिलेंगे.

सरमा ने अपने पोस्ट में कहा कि उन्होंने शिलांग में हाल की घटनाओं, खासकर असम में रजिस्टर्ड गाड़ियों से जुड़ी घटनाओं पर असम की चिंताएं संगमा को बताई हैं. असम के Chief Minister ने कहा कि राज्य के सीमा सुरक्षा मंत्री अतुल बोरा को मेघालय के अधिकारियों के साथ मिलकर काम करने और दोनों राज्यों के बीच शांति और सामान्य स्थिति बनाए रखने के लिए कहा गया है.

सरमा ने असम और मेघालय के बीच करीबी रिश्तों पर जोर दिया और उन्हें ‘बहन राज्य’ बताया, जो गहरे ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और लोगों के बीच आपसी रिश्तों से जुड़े हैं.

उन्होंने कहा, “आपसी सम्मान, संयम और संवेदनशीलता हमेशा हमारा मार्गदर्शन करने चाहिए.” उन्होंने दोनों राज्यों के लोगों के बीच लंबे समय से चले आ रहे सौहार्द, दोस्ती और सद्भावना को बनाए रखने के लिए हर संभव कोशिश करने का आह्वान किया.

ये बयान Wednesday को शिलांग में खासी स्टूडेंट्स यूनियन (केएसयू) की ब्लैक-फ्लैग बाइक रैली के दौरान हुई हिंसक घटनाओं के बाद बढ़े तनाव के बीच आए हैं.

खबरों के मुताबिक, रैली के दौरान शहर के कई हिस्सों में पत्थरबाजी, तोड़फोड़, आगजनी और मारपीट हुई. इन घटनाओं से असम से आने वाली गाड़ियों और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर भी चिंताएं पैदा हुईं.

ईस्ट खासी हिल्स जिला प्रशासन ने कहा कि वह Governmentी और निजी संपत्ति को हुए नुकसान की भरपाई के लिए ‘मेघालय मेंटेनेंस ऑफ पब्लिक ऑर्डर एक्ट’ लागू करेगा. प्रशासन ने Friday को प्रस्तावित केएसयू आंदोलन की मंजूरी भी रद्द कर दी.

इस बीच, हिंसा के सिलसिले में मेघालय Police ने केएसयू के तीन वरिष्‍ठ नेताओं प्रेसिडेंट रेमंड खारजाना, वाइस-प्रेसिडेंट पिनकमेनलांग सनमीट और जनरल सेक्रेटरी रूबेन नजीयार को गिरफ्तार किया.

संगमा ने दोनों राज्यों के नागरिकों से शांति, भाईचारा और संयम बनाए रखने की अपील की और इस बात पर जोर दिया कि असम और मेघालय के बीच गहरे संबंध हैं जिनकी रक्षा की जानी चाहिए. दोनों राज्यों के कैबिनेट मंत्रियों के बीच प्रस्तावित बैठक से तत्काल चिंताओं को दूर करने और स्थिति को और बिगड़ने से रोकने के लिए एक मंच मिलने की उम्मीद है.

दोनों Governmentें अब यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही हैं कि हाल की घटनाओं से लोगों के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंधों पर असर न पड़े और न ही असम और मेघालय के बीच आवाजाही और आर्थिक गतिविधियों में कोई रुकावट आए.

एएसएच/डीकेपी

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