दिल्ली दंगा मामला: कपिल मिश्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग वाली याचिका खारिज

New Delhi, 13 मार्च . साल 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों से जुड़े एक मामले में दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने Friday को दिल्ली Government के मंत्री कपिल मिश्रा के खिलाफ First Information Report दर्ज कराने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है. अदालत ने कहा कि उपलब्ध तथ्यों और रिकॉर्ड के आधार पर इस स्तर पर First Information Report दर्ज कराने का आदेश देना उचित नहीं है.

याचिकाकर्ता ने अदालत से मांग की थी कि 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान कथित भूमिका को लेकर कपिल मिश्रा और अन्य लोगों के खिलाफ First Information Report दर्ज करने के निर्देश दिए जाएं. याचिका में आरोप लगाया गया था कि 23 फरवरी 2020 को कर्दमपुरी इलाके में कपिल मिश्रा और कुछ अन्य लोग सड़क जाम कर रहे थे तथा रेहड़ी-पटरी वालों के ठेले तोड़ रहे थे.

याचिकाकर्ता का यह भी दावा था कि घटना के समय वहां Police के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे. इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई. इस आधार पर अदालत से स्वतंत्र जांच और First Information Report दर्ज करने का निर्देश देने की मांग की गई थी. हालांकि, सुनवाई के दौरान दिल्ली Police ने अदालत को बताया कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों से जुड़े मामलों में पहले ही व्यापक जांच की जा चुकी है. Police के अनुसार उपलब्ध रिकॉर्ड और जांच में कपिल मिश्रा की कथित भूमिका को लेकर कोई ठोस सबूत सामने नहीं आया है.

दिल्ली Police ने अदालत को यह भी बताया कि दंगों के संबंध में दर्ज सैकड़ों First Information Report में भी कपिल मिश्रा का नाम सामने नहीं आया है. Police ने कहा कि जांच एजेंसियों ने सभी पहलुओं की जांच की है और अब तक के साक्ष्यों के आधार पर उनके खिलाफ मामला दर्ज करने का कोई आधार नहीं बनता.

आपको बताते चलें, दिल्ली में हुए दंगे में कई लोगों की मौत हो गई थी और करीब 700 से अधिक लोग घायल हुए थे. हिंसा की शुरुआत नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) और एनआरसी के विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई थी, जहां कई स्थानों पर हालात बेकाबू हो गए थे.

पीएसके

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